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जिले की मांग पर कालाकोट पूर्ण बंद
Updated Sun, 04 Mar 2018 01:24 AM IST
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राजोरी। नौशेरा और सुंदरबनी में जिले की मांग के जोर पकड़ते ही कालाकोट में भी जनता ने जिले की मांग को तेज कर दिया है। कालाकोट में ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गठन कर जिले की मांग को लेकर शनिवार का बंद रखा गया।
कालाकोट व्यापार मंडल और भाजपा को छोड़ कर अन्य सियासी पार्टियों के प्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से बंद कर धरना-प्रदर्शन में भाग लिया। लोगों ने राजोरी-कालाकोट व कालाकोट-जम्मू सड़क मार्ग जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मौजूदा पीडीपी-भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जम्मू संभाग के लोगों के साथ भेदभाव बंद करे। कश्मीर घाटी में मात्र दस किलोमीटर की दूरी पर जिले नजर आते हैं, लेकिन जम्मू संभाग में ऐसा क्यों नहीं है। उन्होंने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि चुनाव से पहले जम्मू के हित की बात करने वाली भाजपा अब सो रही है। उन्होंने स्थानीय एमएलए एवं पशुपालन मंत्री अब्दुल गनी कोहली के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि कालाकोट को जिले की मांग को लेकर मंत्री चुप क्यों हैं। जब कालाकोट के सभी लोग जिले की मांग को लेकर सड़कों पर हैं, तो भाजपा के नेता व कार्यकर्ता पीछे क्यों हैं? भाजपा के स्थानीय नेता व कार्यकर्ता अपने मंत्री के इशारों पर नाचते हैं और उन्हें जनता की कोई फिक्र नहीं है। कमेटी ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंप कर जल्द कालाकोट को जिला घोषित करने की बात कही। इस दौरान कमेटी प्रतिनिधियों ने साफ-साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक कालाकोट को जिला करार नहीं दिया जाता, वे धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे।
भाजपा पड़ी अलग-थलग
कालाकोट को जिला करार देने की मांग पर भाजपा अलग-थलग सी पड़ गई है। कालाकोट में शनिवार को बंद व धरने प्रदर्शन के दौरान भाजपा को छोड़ अन्य सभी सियासी पार्टियों के नेता, विभिन्न समाज सेवी संगठनों के कार्यकर्ता एक मंच पर नजर आए, लेकिन इसमें भाजपा का कोई भी नेता या कार्यकर्ता कहीं नजर नहीं आया। स्थानीय लोगों में भाजपा के प्रति खासा रोष देखा जा रहा है।
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कालाकोट व्यापार मंडल और भाजपा को छोड़ कर अन्य सियासी पार्टियों के प्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से बंद कर धरना-प्रदर्शन में भाग लिया। लोगों ने राजोरी-कालाकोट व कालाकोट-जम्मू सड़क मार्ग जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मौजूदा पीडीपी-भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जम्मू संभाग के लोगों के साथ भेदभाव बंद करे। कश्मीर घाटी में मात्र दस किलोमीटर की दूरी पर जिले नजर आते हैं, लेकिन जम्मू संभाग में ऐसा क्यों नहीं है। उन्होंने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि चुनाव से पहले जम्मू के हित की बात करने वाली भाजपा अब सो रही है। उन्होंने स्थानीय एमएलए एवं पशुपालन मंत्री अब्दुल गनी कोहली के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि कालाकोट को जिले की मांग को लेकर मंत्री चुप क्यों हैं। जब कालाकोट के सभी लोग जिले की मांग को लेकर सड़कों पर हैं, तो भाजपा के नेता व कार्यकर्ता पीछे क्यों हैं? भाजपा के स्थानीय नेता व कार्यकर्ता अपने मंत्री के इशारों पर नाचते हैं और उन्हें जनता की कोई फिक्र नहीं है। कमेटी ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंप कर जल्द कालाकोट को जिला घोषित करने की बात कही। इस दौरान कमेटी प्रतिनिधियों ने साफ-साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक कालाकोट को जिला करार नहीं दिया जाता, वे धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे।
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भाजपा पड़ी अलग-थलग
कालाकोट को जिला करार देने की मांग पर भाजपा अलग-थलग सी पड़ गई है। कालाकोट में शनिवार को बंद व धरने प्रदर्शन के दौरान भाजपा को छोड़ अन्य सभी सियासी पार्टियों के नेता, विभिन्न समाज सेवी संगठनों के कार्यकर्ता एक मंच पर नजर आए, लेकिन इसमें भाजपा का कोई भी नेता या कार्यकर्ता कहीं नजर नहीं आया। स्थानीय लोगों में भाजपा के प्रति खासा रोष देखा जा रहा है।
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