{"_id":"5b04773f4f1c1b334d8b522b","slug":"41527019327-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रमजान के पाक माह में पानी का गंभीर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रमजान के पाक माह में पानी का गंभीर संकट
Updated Wed, 23 May 2018 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। इस्लाम धर्म के पवित्र माह रमजान में भी लोगों को पीएचई की सप्लाई से पेयजल नहीं मिल रहा है। जिले की कालाकोट सब डिवीजन के दूरदराज के गांव कूड़ा में लोगों के घरों में पिछले करीब एक माह से पीएचई की पाइपों से पानी नहीं आया है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में पीएचई विभाग, प्रशासन और सरकार के प्रति कड़ा रोष है।
स्थानीय निवासी मोहम्मद आजम, दिलशाद अहमद, मोहम्मद हुसैन आदि ने बताया कि करीब एक माह पहले पीएचई की मोटर खराब होने से सप्लाई बंद हुई थी और अब तक बंद ही चल रही है। रमजान के पवित्र माह में बिना पेयजल के कितनी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। यह सिर्फ गांव वाले ही जानते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार कालाकोट स्थित पीएचई के एई कार्यालय, एडीसी कार्यालय जा कर सप्लाई सुचारु बनाने की गुहार लगाई गई है, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों ने बताया कि उक्त गांव में करीब 50 परिवार रहते हैं। इन परिवारों को हर रोज पेयजल लाने के लिए घर से करीब तीन किलोमीटर दूर एक बावली पर जाना पड़ता है। रमजान के महीने में तड़के बावली पर पानी लेने जाना संभव नहीं होता है। दिन भर रोजा रखने के बाद पैदल चल कर पेयजल लाना भी संभव नहीं है। आलम यह है कि घरों में नमाज अता करने से पहले वुजू करने के लिए भी पानी नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सप्लाई को सुचारु नहीं बनाया गया तो वह लोग प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी मोहम्मद आजम, दिलशाद अहमद, मोहम्मद हुसैन आदि ने बताया कि करीब एक माह पहले पीएचई की मोटर खराब होने से सप्लाई बंद हुई थी और अब तक बंद ही चल रही है। रमजान के पवित्र माह में बिना पेयजल के कितनी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। यह सिर्फ गांव वाले ही जानते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार कालाकोट स्थित पीएचई के एई कार्यालय, एडीसी कार्यालय जा कर सप्लाई सुचारु बनाने की गुहार लगाई गई है, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों ने बताया कि उक्त गांव में करीब 50 परिवार रहते हैं। इन परिवारों को हर रोज पेयजल लाने के लिए घर से करीब तीन किलोमीटर दूर एक बावली पर जाना पड़ता है। रमजान के महीने में तड़के बावली पर पानी लेने जाना संभव नहीं होता है। दिन भर रोजा रखने के बाद पैदल चल कर पेयजल लाना भी संभव नहीं है। आलम यह है कि घरों में नमाज अता करने से पहले वुजू करने के लिए भी पानी नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सप्लाई को सुचारु नहीं बनाया गया तो वह लोग प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन