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मौसम का कहर जारी, घाटी में 4 घर ढहे
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Mon, 06 Apr 2015 01:35 PM IST
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जम्मू-कश्मीर में बारिश भले की रुक गई हो लेकिन मौसम का कहर अभी भी जारी है। कश्मीर के बडगाम में जमीन के कटाव के कारण चार घर ढह गए। खानपोरा क्षेत्र में देर शाम यह दुर्घटना हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अलावा आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक किसी की मौत या घायल होने का समाचार नहीं है। घटनास्तल पर पुलिस जांच कर रही है। बताया जाता है कि भारी बारिश के बाद चारों मकान एकाएक ढह कर क्षतिग्रस्त हो गए।
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बारिश की भेंट चढ़े 40 मकान
पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से अब तक राजोरी में करीब 40 मकान ढह चुके हैं। थन्नामंडी तहसील में 21 ढहे हैं। थन्नामंडी के तहसीलदार डा. अब्दुल कबीर के अनुसार, थन्नामंडी के कलास, बदाकन्ना, बहरोट ढोक और पंगाई क्षेत्रों में 21 कच्चे मकान बारिश की भेंट चढ़ गए हैं। पिछले वर्ष बाढ़ में कई कच्चे मकानों में दरारें पड़ गई थीं। अब वो दरारें और बढ़ने से उन मकानों में रहना खतरे से खाली नहीं है।
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उधर, बुद्धल तहसील के केवल गांव में करीब नौ मकान ढह गए हैं। आठ से दस मकानों में दरारें पड़ने और आसपास की जमीन धंसने से वहां रहना भी संभव नहीं है। बताते चलें कि पिछले वर्ष सिंतबर में आए बाढ़ में जो लोग बेघर हुए थे, उनमें से कई परिवार अभी तक खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। जिनको पुनर्वास के लिए जो मुआवजा मिला है, उसमें एक कमरा भी नहीं बन सकता है।
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माहौर तहसील के आठ घर खाली
बारशि में पूरी तरह नम हो चुके कच्चे मकानों में धूप निकलने पर दरारें पड़ने की आशंका बढ़ गई है। शनिवार की रात को हुई मूसलाधार बारिश में माहौर तहसील के ममनकोट और चसाना गांव में रहने वाले आठ परिवारों को घर खाली करने को मजबूर कर दिया। ये मकान भूस्खलन और मलबे की चपेट में आ गए थे। खबर मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और सभी आठ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
माहौर का क्षेत्र ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शनिवार की रात को ही तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने से दस बकरियां मर गईं। ब्लाक पौनी के लैड निवासी मोहम्मद रफीक ने बताया कि रात को अचानक तेज आवाज के साथ बिजली गिरी और दस बकरियां मर गईं। गौरतलब है कि भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित की थी।