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LoC के रास्ते घुसपैठ की फिराक में 350 आतंकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

Tue, 23 May 2017 12:55 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 23 May 2017 12:55 PM IST
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350 terrorist in tries of infiltration from LOC
घुसपैठ की फिराक में शामिल - फोटो : डेमो फोटो

लश्कर-ए -तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन ने कश्मीर और पीरपंजाल इलाके से आतंकियों की बड़ी घुसपैठ कराने की साजिश बुनी है। कुपवाड़ा के जंगलों से एक दर्जन आतंकियों की घुसपैठ उसी षड्यंत्र का हिस्सा था, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया है।

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सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि कुछ आतंकी घुसपैठ में सफल होकर जंगलों में छिपे हो सकते हैं। लिहाजा सर्च आपरेशन जारी रहेगा। पीओके स्थित आतंकियों के लांचिंग पैड पर कश्मीर से सटे इलाके में 200 और राजोरी-पुंछ इलाके में 150 आतंकियों के मौजूद होने की सूचना है। सेना ने सतर्कता बढ़ा दी है। 
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सेना के सूत्रों के मुताबिक अब एलओसी पर इजरायली उपकरणों से निगहबानी हो रही है। सेना ने एलओसी पर तकनीकी इंटेलीजेंस तंत्र को मजबूत किया है। थर्मल इमेज कैमरे सक्रिय हैं। आतंकियों की मूवमेंट का पता लगाने के लिए इसरो के सहयोग से सेटेलाइट की भी मदद ली जा रही है।
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राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन भी सेना का सहयोग कर रहा है। इसके अलावा एलओसी पर स्वाति रडार प्रणाली सक्रिय है, जो सीजफायर उल्लंघन की स्थिति में गोलाबारी के सटीक लोकेशन की जानकारी देती है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि अभी से जुलाई तक पाकिस्तान बार्डर और पीओके से आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें तेज हो सकतीं हैं। लिहाजा जवाबी कार्रवाई की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। 

साढे़ चार माह में 28 आतंकी घुसपैठ में सफल

350 terrorist in tries of infiltration from LOC
28 आतंकी घुसपैठ में सफल - फोटो : Demo Photo

कश्मीर में सेना के 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधु ने एलओसी पर सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की है। आतंकी संगठन आतंकियों के साथ हथियार भेजने की भी कोशिश में हैं। कुपवाड़ा में मुठभेड़ के बाद आतंकियों से बरामद हथियार के बाद आतंकी संगठनों की इस रणनीति का खुलासा हुआ है। सेना द्वारा कासो के तहत चलाए जा रहे सर्च आपरेशन के बाद घाटी में पहले से मौजूद आतंकियों ने गांवों में पनाह लेने की जगह अब जंगलों का रुख किया है। नतीजतन दक्षिणी कश्मीर में सेना जंगलों में भी सघन तलाशी अभियान की योजना बना रही है। 

सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस साल के साढ़े चार महीनों में कम से कम 28 आतंकी घुसपैठ में सफल रहे हैं। पिछले साल 119 आतंकी घुसपैठ में सफल हुए थे, जबकि तीन को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा सेना और सुरक्षा बलों ने 217 आतंकियों को वापस खदेड़ दिया था। उत्तरी कश्मीर में घुसपैठ के बाद आए पाकिस्तानी आतंकियों की संख्या दक्षिणी कश्मीर की तुलना में अधिक है। दक्षिणी कश्मीर में आतंकी संगठनों में कश्मीरी युवकों की संख्या ज्यादा है। 

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