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टेरर फंडिंग में कई अलगाववादी नेताओं की संपति जब्त होगी

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टेरर फंडिंग में कई अलगाववादी नेताओं की संपति जब्त होगी
जम्मू। टेरर फंडिंग मामले में कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद वटाली की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है। वट्टाली का लश्कर-ए-तैयबा से संबंध है। ऐसे ही कई और नाम भी हैं, जिनके संबंध टेरर फंडिंग से जुड़े हैं। साथ ही कुछ और अलगाववादी नेता भी हैं, जिनकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी है। इनमें यासीन मलिक भी शामिल हैं, जिसका आतंकी कनेक्शन है। वह इस समय जेल में हैं। सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक पर भी एनआईए और एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट की नजर है।
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जानकारी के अनुसार एनआईए ने टेरर फंडिंग में करीब 30 लोगों की सूची तैयार की है। इनमें आठ के खिलाफ चार्जशीट भी दायर हो चुकी है। जहूर अहमद शाह वटाली, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह, शाहिद उल इस्लाम, फारूक अहमद डार, मोहम्मद अकबर खांडे, राजा महराजुद्दीन, बशीर अहमद भट्ट, सबके खिलाफ टेरर फंडिंग का केस साबित हो चुका है। यह लोग हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के लिए काम करते हैं। इनके खिलाफ चार्जशीट पेश हो चुकी है। अब तक जहूर वटाली की 7 करोड़ की संपत्ति जब्त हो चुकी है। अब एनआईए एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट मिलकर बाकी के लोगों पर कार्रवाई की तैयारी में हैं। तीन बड़े अलगाववादी नेताओं और अन्य के पास दुबई, दिल्ली, श्रीनगर में बड़ी संख्या में संपत्ति है। इनके पास प्लाट, अपार्टमेंट, आलीशान घर, सेबों के बगीचे आदि हैं। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई बड़े लोगों की संपत्ति जब्त की जाएगी, जिसके लिए एनआईए और एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट ने कमर कस ली है।
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