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अलगाववादियों की शोपियां मार्च विफल
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:32 AM IST
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श्रीनगर। सेना द्वारा की गई फायरिंग में नागरिकों की मौत के विरोध में शुक्रवार को अलगाववादियों का शोपियां मार्च विफल कर दिया गया। हालांकि, इस दौरान भारी हिंसा हुई। सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान अलगाववादी नेता यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया। यासीन जामिया मस्जिद के बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज ने पुलिस घेरा तोड़ने की कोशिश की।
फायरिंग में नागरिकों की मौत के विरोध में शोपियां और पुलवामा में शुक्रवार को भी बंद रहा। सभी कारोबारी इदारे और दुकानें बंद रहीं और गाड़ियां भी कम रहीं। दोनों जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी ठप रही। हालातों को ध्यान में रखते हुए बनिहाल-बारामुला रेल लाइन पर सेवाएं स्थगित रहीं।
ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने शुक्रवार को शोपियां मार्च की कॉल की थी। इस दौरान लोगों से जामिया मस्जिद शोपियां में नमाज पड़ने को कहा गया था। प्रशासन ने श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों में रैनावारी, नौहट्टा, एमआर गंज, सफाकदल, खान्यार, माईसूमा और क्रालखुड में पाबंदियां लागू की थीं। शोपियां के सभी एंट्री प्वाइंट्स को सील कर दिया गया था। इसी बीच जेकेएलएफ अध्यक्ष यासीन मलिक रात में पुलिस को चकमा देकर शोपियां जामिया मस्जिद पहुंच गए। नमाज के बाद जब यासीन ने समर्थकों के साथ रैली निकालनी चाही तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद इलाके में हिंसा भड़क गई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए। काफी देर तक हिंसा जारी रही। पुलवामा, कुलगाम और श्रीनगर के पुराने शहर में भी हिंसक झड़पें देखने को मिलीं। हालांकि, कहीं से कोई नुकसान की सूचना नहीं हैं।
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बताया जा रहा है कि हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक जो नगीन स्थित घर पर नजरबंद था, उसने पुलिस घेरे को तोड़कर शोपियां की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। मीरवाइज ने कहा कि हमें शांतिपूर्वक ढंग से भी प्रदर्शन नहीं करने दिया जाता है और आज फिर नमाज नहीं पढ़ने दी गई। वहीं हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी पहले से नजरबंद हैं। उनके घर के बाहर पुलिस ने तारबंदी कर रखी थी।
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फायरिंग में नागरिकों की मौत के विरोध में शोपियां और पुलवामा में शुक्रवार को भी बंद रहा। सभी कारोबारी इदारे और दुकानें बंद रहीं और गाड़ियां भी कम रहीं। दोनों जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी ठप रही। हालातों को ध्यान में रखते हुए बनिहाल-बारामुला रेल लाइन पर सेवाएं स्थगित रहीं।
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ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने शुक्रवार को शोपियां मार्च की कॉल की थी। इस दौरान लोगों से जामिया मस्जिद शोपियां में नमाज पड़ने को कहा गया था। प्रशासन ने श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों में रैनावारी, नौहट्टा, एमआर गंज, सफाकदल, खान्यार, माईसूमा और क्रालखुड में पाबंदियां लागू की थीं। शोपियां के सभी एंट्री प्वाइंट्स को सील कर दिया गया था। इसी बीच जेकेएलएफ अध्यक्ष यासीन मलिक रात में पुलिस को चकमा देकर शोपियां जामिया मस्जिद पहुंच गए। नमाज के बाद जब यासीन ने समर्थकों के साथ रैली निकालनी चाही तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद इलाके में हिंसा भड़क गई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए। काफी देर तक हिंसा जारी रही। पुलवामा, कुलगाम और श्रीनगर के पुराने शहर में भी हिंसक झड़पें देखने को मिलीं। हालांकि, कहीं से कोई नुकसान की सूचना नहीं हैं।
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बताया जा रहा है कि हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक जो नगीन स्थित घर पर नजरबंद था, उसने पुलिस घेरे को तोड़कर शोपियां की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। मीरवाइज ने कहा कि हमें शांतिपूर्वक ढंग से भी प्रदर्शन नहीं करने दिया जाता है और आज फिर नमाज नहीं पढ़ने दी गई। वहीं हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी पहले से नजरबंद हैं। उनके घर के बाहर पुलिस ने तारबंदी कर रखी थी।