{"_id":"5a5e530b4f1c1b6b268b4d61","slug":"31516131083-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने बचाई सांभर की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने बचाई सांभर की जान
Updated Wed, 17 Jan 2018 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हीरानगर। सर्दियों के दिनों में जंगली जानवर मैदानी इलाकों का रुख कर लेते हैं। इसके बाद अकसर यह रिहायशी इलाकों के पास देखे जाते रहे हैं। दो माह में चार से पांच ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहां जंगली जानवरों को रिहायशी इलाकों में देखा गया है। तेंदुए का आबादी वाले इलाकों में देखा जाना तो अब आम सी बात हो गई है।
मंगलवार को जंगली जानवर के हमले में घायल एक सांभर को राजबाग से सटे दलौटी गांव के ग्रामीणों ने देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल सांभर की जान बचाते हुए वन्यजीव विभाग को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया जसरोटा वन्यजीव अभ्यारण्य से सटे धलौटी गांव में एक खेत में बदहवास से पड़े एक सांभर को देखा। जिसके बाद उसकी जान बचाने के लिए वन्यजीव विभाग की टीम को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम सांभर को साथ ले गई। सांभर के गले पर जख्म थेए जिससे साफ है कि तेंदुए ने उसे हमला कर घायल किया था। वहीं वन्यजीव विभाग के वार्डन सुनील कुमार ने बताया कि चार से पांच माह का सांभर का बच्चा घायल अवस्था में ग्रामीणों को मिला था। वन्यजीव विभाग की टीम ने उसे जम्मू स्थित मांडा में पहुंचा दिया है। इस सांभर को कुछ दिन पहले काटा गया था चूंकि घाव में कीड़े पड़ चुके थे। वहीं मांडा में डाक्टरों ने उसे इलाज दिया है और उसकी हालत खतरे से बाहर है।
विज्ञापन
मंगलवार को जंगली जानवर के हमले में घायल एक सांभर को राजबाग से सटे दलौटी गांव के ग्रामीणों ने देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल सांभर की जान बचाते हुए वन्यजीव विभाग को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया जसरोटा वन्यजीव अभ्यारण्य से सटे धलौटी गांव में एक खेत में बदहवास से पड़े एक सांभर को देखा। जिसके बाद उसकी जान बचाने के लिए वन्यजीव विभाग की टीम को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम सांभर को साथ ले गई। सांभर के गले पर जख्म थेए जिससे साफ है कि तेंदुए ने उसे हमला कर घायल किया था। वहीं वन्यजीव विभाग के वार्डन सुनील कुमार ने बताया कि चार से पांच माह का सांभर का बच्चा घायल अवस्था में ग्रामीणों को मिला था। वन्यजीव विभाग की टीम ने उसे जम्मू स्थित मांडा में पहुंचा दिया है। इस सांभर को कुछ दिन पहले काटा गया था चूंकि घाव में कीड़े पड़ चुके थे। वहीं मांडा में डाक्टरों ने उसे इलाज दिया है और उसकी हालत खतरे से बाहर है।
विज्ञापन