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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल, मरीज परेशान
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उधमपुर। नेशनल हेल्थ मिशन कर्मचारियों की हड़ताल का जिला अस्पताल में भी स्वास्थ्य सुविधाओं पर बहुत बुरा असर पड़ा है। हड़ताल के कारण दिन भर मरीज परेशान रहे। अस्पताल में एक भी नेशनल हेल्थ मिशन का कर्मचारी काम करने के लिए नहीं पहुंचा। इसके अलावा जिले में मौजूद 24 प्राइमरी हेल्थ सेंटर में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं और ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थायी करने की मांग को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल शुरू की है और इसका असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल में 40 से ज्यादा कर्मचारी नेशनल हेल्थ मिशन के तहत नियुक्त किए गए हैं। इनमें से दो डाक्टर हैं और बाकी के अन्य कर्मचारी। इन कर्मचारियों पर जिला अस्पताल का बहुत ज्यादा काम निर्भर है, लेकिन सोमवार से हड़ताल शुरू होने के बाद जिला अस्पताल में काफी परेशानियां बढ़ गई हैं। वीरवार को काफी संख्या में मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन एनएचएम के डाक्टर अन्य कर्मचारियों के मौजूद न होने के कारण कई मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। कई मरीजों ने निजी क्लीनिक जाकर उपचार करवाया और कुछ घरों को लौट गए। जो डाक्टर मौजदू थे, उनके पास दुगनी भीड़ नजर आई। इसी तरह से जिले के पंचैरी, घोरडी, मजालता सहित 24 प्राइमरी हेल्थ सेंटर में भी कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा। दूर दराज ग्रामीण इलाकों से मरीज उपचार के लिए पीएचसी में पहुंचे और जब उनको हड़ताल की जानकारी मिली तो निराश होकर लौट गए। शुक्रवार को भी स्थिति कुछ इसी तरह से बनी रहेगी और मरीजों को इसी तरह से परेशानियों से जूझना पड़ेगा।
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स्थायी करने की मांग को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल शुरू की है और इसका असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल में 40 से ज्यादा कर्मचारी नेशनल हेल्थ मिशन के तहत नियुक्त किए गए हैं। इनमें से दो डाक्टर हैं और बाकी के अन्य कर्मचारी। इन कर्मचारियों पर जिला अस्पताल का बहुत ज्यादा काम निर्भर है, लेकिन सोमवार से हड़ताल शुरू होने के बाद जिला अस्पताल में काफी परेशानियां बढ़ गई हैं। वीरवार को काफी संख्या में मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन एनएचएम के डाक्टर अन्य कर्मचारियों के मौजूद न होने के कारण कई मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। कई मरीजों ने निजी क्लीनिक जाकर उपचार करवाया और कुछ घरों को लौट गए। जो डाक्टर मौजदू थे, उनके पास दुगनी भीड़ नजर आई। इसी तरह से जिले के पंचैरी, घोरडी, मजालता सहित 24 प्राइमरी हेल्थ सेंटर में भी कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा। दूर दराज ग्रामीण इलाकों से मरीज उपचार के लिए पीएचसी में पहुंचे और जब उनको हड़ताल की जानकारी मिली तो निराश होकर लौट गए। शुक्रवार को भी स्थिति कुछ इसी तरह से बनी रहेगी और मरीजों को इसी तरह से परेशानियों से जूझना पड़ेगा।
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