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वेस्ट पाकिस्तानी
Updated Sun, 10 Jun 2018 01:32 AM IST
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सांबा। जिले में वेस्ट पाकिस्तानी विस्थापितों के 1400 परिवार रह रहे हैं। गत दिनों केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने जम्मू दौरे के दौरान कहा था कि वेस्ट पाकिस्तानी विस्थापितों को भी साढे़ पांच लाख की राहत दी जाएगी जिस का विस्थापित परिवारों ने स्वागत किया है, लेकिन वह केंद्र सरकार से इस बात को लेकर खफा हैं कि उन्हें नागरिकता क्यों नहीं दी जा रही है।
जिले के विलोरी गांव के नरेश कुमार का कहना है कि राहत पैकेज तो ठीक है, लेकिन पहले उन्हें स्थायी नागरिकता जरूरी है। आज भी वह अपनी रियासत में बेगानों की तरह रह रहे हैं। न तो वह विधानसभा में अपने मत का अधिकार ही कर सकते हैं और न ही उन्हें राज्य सरकार की ओर से सरकारी रोजगार ही मिलता है। ऐसे में उन्हें एक साथ अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण मनोहर लाल, विजय कुमार, दर्शन लाल, रछपाल, गोपाल, जीत राज आदि ने बताया कि वह अपने बच्चों की उच्च शिक्षा तक नहीं करा पाए हैं। बच्चे भी दिहाड़ी लगा कर गुुुजारा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें स्थायी नागरिकता की जरूरत है। वह अपने बच्चों को राज्य में सरकारी रोजगार तक नही दिला पा रहे है। छोटे-मोटे काम के लिए स्टेट सबजेक्ट का होना जरूरी है, लेकिन उनके स्टेट सब्जेक्ट तक नहीं हैं। ऐसे में वह सरकारी सुविधाओ से वंचित रह जाते हैं। जायदाद खरीदने के लिए कोर्ट से उनके दस्तावेज तक नहीं बन पाते हैं। ऐसे में उन्हें एक साथ अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में जो भी सरकार आई हो वेस्ट पाकिस्तानी विस्थापितो के लिए कुछ नही किया है।
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जिले के विलोरी गांव के नरेश कुमार का कहना है कि राहत पैकेज तो ठीक है, लेकिन पहले उन्हें स्थायी नागरिकता जरूरी है। आज भी वह अपनी रियासत में बेगानों की तरह रह रहे हैं। न तो वह विधानसभा में अपने मत का अधिकार ही कर सकते हैं और न ही उन्हें राज्य सरकार की ओर से सरकारी रोजगार ही मिलता है। ऐसे में उन्हें एक साथ अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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ग्रामीण मनोहर लाल, विजय कुमार, दर्शन लाल, रछपाल, गोपाल, जीत राज आदि ने बताया कि वह अपने बच्चों की उच्च शिक्षा तक नहीं करा पाए हैं। बच्चे भी दिहाड़ी लगा कर गुुुजारा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें स्थायी नागरिकता की जरूरत है। वह अपने बच्चों को राज्य में सरकारी रोजगार तक नही दिला पा रहे है। छोटे-मोटे काम के लिए स्टेट सबजेक्ट का होना जरूरी है, लेकिन उनके स्टेट सब्जेक्ट तक नहीं हैं। ऐसे में वह सरकारी सुविधाओ से वंचित रह जाते हैं। जायदाद खरीदने के लिए कोर्ट से उनके दस्तावेज तक नहीं बन पाते हैं। ऐसे में उन्हें एक साथ अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में जो भी सरकार आई हो वेस्ट पाकिस्तानी विस्थापितो के लिए कुछ नही किया है।
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