{"_id":"5ba94a78867a557ec15a4ea4","slug":"151537821304-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ों पर 48 घंटे हुई तबाही की बारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहाड़ों पर 48 घंटे हुई तबाही की बारिश
Updated Tue, 25 Sep 2018 02:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। शुक्रवार देर रात से रविवार रात तक हुई 213 एमएम बारिश ने जिला में तबाही ला दी है। भारी बारिश के बीच भूस्खलन से लोहाई मल्हार में एक महिला की मौत हो गई जबकि धार डुगनू के बतनू नाले में बहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक महिला की पहचान हाजिरा बेगम निवासी लोहाई मल्हार और बाढ़ में बहने वाले व्यक्ति की पहचान विजय कुमार निवासी धार डुगनू के रूप में हुई है।
बनी में 28 भेडों की मौत हुई तो वहीं मल्हार के इलाके में भी लगभग 20 मवेशियों की मरने की जानकारी है। रविवार रात तक जारी बारिश ने रिकार्ड तोड़ा जिसका सबसे अधिक नुक्सान बनी, लोहाई मल्हार और बिलावर के इलाकों में हुआ है जहां एक दर्जन से अधिक घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं वहीं सौ से अधिक घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचने की जानकारी है। यही नहीं बारिश ने लोहाई मल्हार और बनी के इलाकों में 50 फीसदी से अधिक मक्की की फसल को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। तो वहीं राजमाह की फसल को भी भारी नुक्सान पहुंचा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार बनी में एक ट्रांस्फार्मर बाढ़ में बह गया जबकि बीस से पच्ची खंभें बहने की आशंका है। शनिवार सुबह से ही बनी समेत आसपास के सैंकड़ों गांव में बिजली पूरी तरह से गुल है। सोमवार बाद दोपहर सिर्फ बनी कसबे और लोआंग में बिजली बहाल हो पाई है। अन्य इलाकों में बिजली सेवा बहाल करने के लिए कार्य जारी है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो मल्हार और बनी के इलाकों में तीन सौ से अधिक खंभें उखड़ चुुके हैं तो कंडक्टर को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
सेवा और चमेरा के पानी से लबालब हुई रंजीत सागर झील
सोमवार सुबह सात बजे खोल दिए गए स्पिल वे
बनी और हिमाचल के चंबा जिले में मूसलाधार बारिश के बाद जहां सेवा चरण दो जलविद्युत परियोजना और चमेरा जलविद्युत परियोजना के स्पिल वे खोले गए थे वहीं दो दिन में रंजीत सागर बांध भी लबालब भर गया। पानी की इनफ्लो लगातार जारी रहने और बांध के खतरे को देखते हुए बांध प्रबंधन ने सोमवार सुबह सात बजकर दस मिनट पर रंजीत सागर झील के स्पिल वे खोल दिए। बांध का जलस्तर 525 फुट अधिकतम पहुंचने के बाद से लगातार बांध से रावी का पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। उधर, कठुआ जिला प्रशासन ने भी रावी के निचले इलाकों में लोगों को दरिया किनारे न जाने की हिदायत जारी की है।
विज्ञापन
बिलावर में भारी बारिश और बाढ़ का कहर
रामकोट तहसील के गुजरू नगरोटा में तीन कच्चे मकान पूरी तरह से ढ़ह गए वहीं रामकोट में 3 गुजरू नगरोटा में 17 और गूड़ा कल्याल में 13 घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। इसके अतिरिक्त सात मवेशियों के बाड़े भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बिलावर के कोहग में तीन घरों ,लाहड़ी में तीन घरों को आंशिक नुक्सान है। रामपुर में एक पोल्ट्री शेड आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ तो वहीं एक घर पूरी तरह से जमींदोज हो गया। वहीं एक घर को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। बग्गन में पांच घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। बिलावर में बाढ़ से तीन घर पूरी तरह से बह गए जबकि एक घर को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। होटार में चार घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचा है।
बनी में भी भारी नुकसान
बनी में भारी बारिश से गांव धंजवाड का बिजली स्टेशन बह गया। पीएचई की पाईपों को भी भारी नुक्सान पहुंचा है। राजमाश और पचास फीसदी मक्की की फसल तबाह हो गई है। वन विभाग की नर्सरी से 900 पौधे सेवा की बाढ़ में बह गए। बनी में 28 भेंडों के बहने की भी सूचना है। सित्ती, भुलाड़ी और डुग्गन में तीन घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। द्रम्मणी नाले के पास दो बसों को नुकसान नुसान पहुंचा है तो वहीं संदरूण, कोटी और चलोग के दो घर और एक पोल्ट्री शेड को आंशिक नुकसान हुआ है। सरकारी मिडिल स्कूल धार का किचन शेड जमींदोज हो गया है।
मंजीरी पार्क में बाढ़ से बर्बादी के निशान बाकी रह गए
30 साल का रिकार्ड तोड़ कर सेवा दरिया ने उफान लिया तो जो भी चीज रासते में आई उसे बहा ले गया। लाखों खर्च कर लोगों को मनोरंजन के साधन के रूप में मिला मजीरी पार्क भी बाढ़ की चपेट में आने के बाद बर्बाद हो गया है। बाढ़ के पानी ने पार्क की सुरक्षा दिवारों को ढ़ेर कर दिया तो वहीं बड़े बड़े बोल्डर और पत्थर पार्क में घुस गए हैं। आम लोगों की रौनक से गुलजार रहने वाले मंजीरी पार्क सोमवार को पूरी तरह से विरान और तबाह नजर आया।
विज्ञापन
बनी में 28 भेडों की मौत हुई तो वहीं मल्हार के इलाके में भी लगभग 20 मवेशियों की मरने की जानकारी है। रविवार रात तक जारी बारिश ने रिकार्ड तोड़ा जिसका सबसे अधिक नुक्सान बनी, लोहाई मल्हार और बिलावर के इलाकों में हुआ है जहां एक दर्जन से अधिक घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं वहीं सौ से अधिक घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचने की जानकारी है। यही नहीं बारिश ने लोहाई मल्हार और बनी के इलाकों में 50 फीसदी से अधिक मक्की की फसल को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। तो वहीं राजमाह की फसल को भी भारी नुक्सान पहुंचा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार बनी में एक ट्रांस्फार्मर बाढ़ में बह गया जबकि बीस से पच्ची खंभें बहने की आशंका है। शनिवार सुबह से ही बनी समेत आसपास के सैंकड़ों गांव में बिजली पूरी तरह से गुल है। सोमवार बाद दोपहर सिर्फ बनी कसबे और लोआंग में बिजली बहाल हो पाई है। अन्य इलाकों में बिजली सेवा बहाल करने के लिए कार्य जारी है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो मल्हार और बनी के इलाकों में तीन सौ से अधिक खंभें उखड़ चुुके हैं तो कंडक्टर को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
सेवा और चमेरा के पानी से लबालब हुई रंजीत सागर झील
सोमवार सुबह सात बजे खोल दिए गए स्पिल वे
बनी और हिमाचल के चंबा जिले में मूसलाधार बारिश के बाद जहां सेवा चरण दो जलविद्युत परियोजना और चमेरा जलविद्युत परियोजना के स्पिल वे खोले गए थे वहीं दो दिन में रंजीत सागर बांध भी लबालब भर गया। पानी की इनफ्लो लगातार जारी रहने और बांध के खतरे को देखते हुए बांध प्रबंधन ने सोमवार सुबह सात बजकर दस मिनट पर रंजीत सागर झील के स्पिल वे खोल दिए। बांध का जलस्तर 525 फुट अधिकतम पहुंचने के बाद से लगातार बांध से रावी का पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। उधर, कठुआ जिला प्रशासन ने भी रावी के निचले इलाकों में लोगों को दरिया किनारे न जाने की हिदायत जारी की है।
विज्ञापन
बिलावर में भारी बारिश और बाढ़ का कहर
रामकोट तहसील के गुजरू नगरोटा में तीन कच्चे मकान पूरी तरह से ढ़ह गए वहीं रामकोट में 3 गुजरू नगरोटा में 17 और गूड़ा कल्याल में 13 घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। इसके अतिरिक्त सात मवेशियों के बाड़े भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बिलावर के कोहग में तीन घरों ,लाहड़ी में तीन घरों को आंशिक नुक्सान है। रामपुर में एक पोल्ट्री शेड आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ तो वहीं एक घर पूरी तरह से जमींदोज हो गया। वहीं एक घर को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। बग्गन में पांच घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। बिलावर में बाढ़ से तीन घर पूरी तरह से बह गए जबकि एक घर को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। होटार में चार घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचा है।
बनी में भी भारी नुकसान
बनी में भारी बारिश से गांव धंजवाड का बिजली स्टेशन बह गया। पीएचई की पाईपों को भी भारी नुक्सान पहुंचा है। राजमाश और पचास फीसदी मक्की की फसल तबाह हो गई है। वन विभाग की नर्सरी से 900 पौधे सेवा की बाढ़ में बह गए। बनी में 28 भेंडों के बहने की भी सूचना है। सित्ती, भुलाड़ी और डुग्गन में तीन घरों को आंशिक नुक्सान पहुंचा है। द्रम्मणी नाले के पास दो बसों को नुकसान नुसान पहुंचा है तो वहीं संदरूण, कोटी और चलोग के दो घर और एक पोल्ट्री शेड को आंशिक नुकसान हुआ है। सरकारी मिडिल स्कूल धार का किचन शेड जमींदोज हो गया है।
मंजीरी पार्क में बाढ़ से बर्बादी के निशान बाकी रह गए
30 साल का रिकार्ड तोड़ कर सेवा दरिया ने उफान लिया तो जो भी चीज रासते में आई उसे बहा ले गया। लाखों खर्च कर लोगों को मनोरंजन के साधन के रूप में मिला मजीरी पार्क भी बाढ़ की चपेट में आने के बाद बर्बाद हो गया है। बाढ़ के पानी ने पार्क की सुरक्षा दिवारों को ढ़ेर कर दिया तो वहीं बड़े बड़े बोल्डर और पत्थर पार्क में घुस गए हैं। आम लोगों की रौनक से गुलजार रहने वाले मंजीरी पार्क सोमवार को पूरी तरह से विरान और तबाह नजर आया।