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बारिश से मक्की की फसल बर्बाद
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:44 AM IST
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उधमपुर/जिब। शुक्रवार रात की तेज बारिश से जिब इलाके में मक्की की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। सुबह जब किसानों ने फसल की हालत देखी, तो वह चिंतित हो गए। किसानों का कहना है कि इस बार उनको भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
जिब में खेतों में अच्छी फसल को देख कर इस बार किसान खुश थे। किसानों को लग रहा था कि इस बार अच्छी फसल से पिछले नुकसान की भी भरपाई हो जाएगी, लेकिन शुक्रवार रात की बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। शुक्रवार देर रात को जिब में करीब दो घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। रात होने के कारण किसानों ने बारिश को लेकर चिंता नहीं की। लेकिन शनिवार सुबह जब खेतों में पहुंचे तो नजारा बदला हुआ था। इसके साथ ही सभी के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। पूरी मक्की की फसल जमीन को छूती नजर आई। जिब के ज्यादातर हिस्सों में मक्की की फसल खराब हो गई है।
रामपाल, त्रिलोक सिंह, लबु राम, मोहम्मद यूसुफ व अन्य किसानों ने बताया कि कुदरत ने एक बार फिर से उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। पहले कम बारिश के कारण फसल बर्बाद हुुई थी तो अब ज्यादा बारिश होने पर फसल को नुकसान पहुंचा है। उनकी दिन रात की मेहनत पर एक ही झटके में पानी फिर गया है। उनकी प्रशासन से अपील है कि खराब फसल का मुआवजा देकर राहत प्रदान की जाए।
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जिब में खेतों में अच्छी फसल को देख कर इस बार किसान खुश थे। किसानों को लग रहा था कि इस बार अच्छी फसल से पिछले नुकसान की भी भरपाई हो जाएगी, लेकिन शुक्रवार रात की बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। शुक्रवार देर रात को जिब में करीब दो घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। रात होने के कारण किसानों ने बारिश को लेकर चिंता नहीं की। लेकिन शनिवार सुबह जब खेतों में पहुंचे तो नजारा बदला हुआ था। इसके साथ ही सभी के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। पूरी मक्की की फसल जमीन को छूती नजर आई। जिब के ज्यादातर हिस्सों में मक्की की फसल खराब हो गई है।
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रामपाल, त्रिलोक सिंह, लबु राम, मोहम्मद यूसुफ व अन्य किसानों ने बताया कि कुदरत ने एक बार फिर से उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। पहले कम बारिश के कारण फसल बर्बाद हुुई थी तो अब ज्यादा बारिश होने पर फसल को नुकसान पहुंचा है। उनकी दिन रात की मेहनत पर एक ही झटके में पानी फिर गया है। उनकी प्रशासन से अपील है कि खराब फसल का मुआवजा देकर राहत प्रदान की जाए।
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