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पहले ठगों ने ठगा, अब थाने के चक्कर कटवा रही पुलिस
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जम्मू। नौकरी के नाम पर पहले ठगों ने ठगा, अब पुलिस की नजरअंदाजी पीड़ितों को तड़पा रही है। पीड़ित थाने के चक्कर काट कर थक गए हैं, लेकिन ठगों का पता लगाने में पुलिस नाकाम साबित हुई है। हर छह महीने में एक जांच अधिकारी बदल जाता है, जिससे फाइल वहीं की वहीं रह जाती है।
मामला शहर के सतवारी इलाके का है। एक साल पहले ठगी का केस दर्ज हुआ था, लेकिन अब तक ठग पकड़े नहीं गए। सतवारी नरवाल पेन के रहने वाले नरेश कुमार, हरीश कुमार, दानेश कुमार, यासिर मोहम्मद, राकेश कुमार, विजय कुमार और परवीन कुमार ने 25 फरवरी 2018 को सतवारी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कश्मीर के रहने वाले रियाज अहमद और मेहराजुदीन शेख ने उनसे पैसे लिए। इन सभी युवकों के पैसे मिलाकर करीब 4 लाख रुपये बनते हैं। सतवारी पुलिस स्टेशन के वह लोग चक्कर काट काट कर थक गए हैं, लेकिन जब भी थाने में जाते हैं, जो लालीपॉप देकर वापस भेज देते हैं। एक साल में तीन तो जांच अधिकारी बदल गए हैं। कभी कहते हैं कि क्राइम ब्रांच के पास जाओ। कभी बोलते हैं कि कहीं और जाओ। वह लोग क्राइम ब्रांच के पास भी गए थे, लेकिन कहीं पर कोई सुनवाई नहीं होती।
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मामला शहर के सतवारी इलाके का है। एक साल पहले ठगी का केस दर्ज हुआ था, लेकिन अब तक ठग पकड़े नहीं गए। सतवारी नरवाल पेन के रहने वाले नरेश कुमार, हरीश कुमार, दानेश कुमार, यासिर मोहम्मद, राकेश कुमार, विजय कुमार और परवीन कुमार ने 25 फरवरी 2018 को सतवारी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कश्मीर के रहने वाले रियाज अहमद और मेहराजुदीन शेख ने उनसे पैसे लिए। इन सभी युवकों के पैसे मिलाकर करीब 4 लाख रुपये बनते हैं। सतवारी पुलिस स्टेशन के वह लोग चक्कर काट काट कर थक गए हैं, लेकिन जब भी थाने में जाते हैं, जो लालीपॉप देकर वापस भेज देते हैं। एक साल में तीन तो जांच अधिकारी बदल गए हैं। कभी कहते हैं कि क्राइम ब्रांच के पास जाओ। कभी बोलते हैं कि कहीं और जाओ। वह लोग क्राइम ब्रांच के पास भी गए थे, लेकिन कहीं पर कोई सुनवाई नहीं होती।
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