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BIG NEWS: जम्मू जोन के 104 सरकारी स्कूल बंद
Updated Wed, 08 Jul 2015 09:44 PM IST
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राज्य सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भले ही बड़े-बड़े दावे करती हो, हकीकत यह है कि विद्यार्थियों की कमी का बहाना बनाकर वह एक-एक कर सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है।
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अब तक जिले के चार शिक्षा जोन में करीब 104 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इन स्कूलों के स्टाफ को अन्य स्कूलों के साथ संबद्ध कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक आदेश में शिक्षा जोन अखनूर के 114 सरकारी स्कूलों में से 20 स्कूलों को अन्य स्कूलों के साथ संबद्ध किया गया है, हालांकि आवेदन 29 स्कूलों के लिए था।
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चौकी चोहरा जोन में 113 सरकारी स्कूलों में से 24 को और ज्यौड़ियां के 99 स्कूलों में से 15 को अन्य स्कूलों के साथ संबद्ध कर दिया गया है। शिक्षा जोन खौड़ के भी कई स्कूलों के साथ भी ऐसा हुआ है।
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ये थे चौंकाने वाले आंकड़े
जानकारी के मुताबिक जिन प्राइमरी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 15 से कम है, उनके स्टाफ को शिक्षा विभाग ने दूसरे स्कूलों के साथ जोड़ दिया है।
जिन स्कूलों में पहले से ही स्टाफ की कमी है, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या पर्याप्त है, बंद हुए स्कूलों के शिक्षकों और अन्य स्टाफ को वहां भी तैनात किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग के डिप्टी सीओ सूरज सिंह राठौर ने बताया कि जिन स्कलों में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम है, वहां के स्टाफ को दूसरे स्कूलों के साथ संबद्ध कर दिया गया है।
विभाग शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का प्रयास कर रहा है। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां इस समस्या को भी हल किया जा रहा है।
जिन स्कूलों में पहले से ही स्टाफ की कमी है, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या पर्याप्त है, बंद हुए स्कूलों के शिक्षकों और अन्य स्टाफ को वहां भी तैनात किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग के डिप्टी सीओ सूरज सिंह राठौर ने बताया कि जिन स्कलों में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम है, वहां के स्टाफ को दूसरे स्कूलों के साथ संबद्ध कर दिया गया है।
विभाग शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का प्रयास कर रहा है। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां इस समस्या को भी हल किया जा रहा है।