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फायरमैन भर्ती घोटाला: अनियमितताएं मिलने पर 103 कर्मी बर्खास्त, पेपर लीक और ओएमआर छेड़छाड़ का खुलासा

Tue, 16 Dec 2025 11:48 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Tue, 16 Dec 2025 11:48 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग में 2020 की भर्ती में अनियमितताएं पाए जाने पर 103 फायरमैन को बर्खास्त कर दिया गया है। एसीबी जांच में पेपर लीक, ओएमआर शीट और मेरिट लिस्ट में हेरफेर के पुख्ता सबूत सामने आए थे, जिसके बाद गृह विभाग ने यह कार्रवाई की।

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103 firefighters dismissed after irregularities were found.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : kathua

विस्तार

जम्मू-कश्मीर फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (एफएंडईएस) विभाग में नियुक्त 103 फायरमैन को बर्खास्त कर दिया गया है। वर्ष 2020 में इन पदों पर भर्ती हुई थी। भर्ती में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाए जाने के चलते बर्खास्तगी की यह कार्रवाई की गई है। गृह विभाग ने सोमवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिया।

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भर्ती परीक्षा के बाद ही अनियमितता के आरोप लगने लगे थे। वर्ष 2022 में सरकार ने जांच के लिए समिति बनाई थी। समिति की जांच में पेपर लीक, नतीजों में हेरफेर किए जाने और रिकॉर्ड में छेड़छाड के सबूत मिले थे। इस जांच के बाद आपराधिक जांच की सिफारिश की गई। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जांच शुरू की। इसी साल दो जनवरी को एसीबी ने एफआईआर दर्ज की थी।
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एसीबी ने समिति की रिपोर्ट और अपनी जांच में पाया कि ओएमआर आंसर शीट में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ हुई थी। स्कैन किए गए आंसर इमेज और मेरिट लिस्ट में हेरफेर हुई। डिजिटल सबूतों में बदलाव की भी पुष्टि हुई। जांच में पता चला कि कुल 106 उम्मीदवारों को हेरफेर कर ज्यादा नंबर दिए गए। इनमें से तीन की सेवाएं पहले ही समाप्त कर दी गई थीं।
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बाकी 103 को अब बर्खास्त किया गया है। गृह विभाग के आदेश में कहा गया है कि नियुक्तियां धोखाधड़ी और आपराधिक तरीकों से ली गईं। आदेश में सुप्रीम कोर्ट और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के फैसलों का भी हवाला दिया गया है। यह भी कहा गया है कि बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत सुरक्षा का कोई अधिकार नहीं होगा।

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