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गुम्मट, जानीपुर, बनतालाब में छापेमारी
Updated Sat, 18 Aug 2018 01:08 AM IST
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्टेट डेंटल काउंसिल की टीम शुक्रवार को शहर के गुम्मट, जानीपुर और बनतालाब में छापेमारी कर अवैध रूप से चल रही दर्जन भर डेंटल क्लीनिक और केंद्रों को सील किया। इन क्लीनिकों पर लोगों को गुमराह कर डेंटल चिकित्सा देकर उन्हें कई बीमारियां देने की आशंका रहती है। सभी क्लीनिक/केंद्र मालिकों को काउंसिल और अन्य संबंधित विभागों से सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है। इनमें जिन क्लीनिकों का पंजीकरण एक्सपायर हो गया है, उन्हें भी अवैध माना जाएगा।
डेंटल क्लीनिक चलाने के लिए प्रमुख रूप से पंजीकृत योग्य डेंटल डाक्टर और क्लीनिक के पंजीकृत होना जरूरी है। काउंसिल को ऐसी कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें शहर और आसपास के क्षेत्रों में धड़ल्ले से झोलाछाप डाक्टर चला रहे हैं। इनमें मरीज को खुद को पंजीकृत डाक्टर बताकर उन्हें सही इलाज नहीं देते हैं। अधिक पैसे भी वसूलते हैं। काउंसिल के डॉ. रितेश गुप्ता ने बताया कि भविष्य में अवैध डेंटल क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। ऐसी क्लीनिकों की शिनाख्त कर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी की गई है। काउंसिल की जांच टीम में डॉ. रितेश के अलावा इंचार्ज क्लीनिकल इंस्पेक्शन डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. सतविंदर सिंह सहायक प्रोफेसर सी/ओ आईजी डेंटल कालेज जम्मू, डॉ. राकेश रैना डेंटल सर्जन डीएचएस जम्मू, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. राजेश निजी प्रैक्टिशेनियर, डॉ. गिरीश गुप्ता, डॉ. मुनीश गुप्ता शामिल रहे।
हैपेटाइटिस, एचआईपी की आशंका बढ़ी
जम्मू। जेएंडके स्टेट डेंटल काउंसिल के प्रधान डॉ. रोमेश सिंह ने बताया कि अवैध डेंटल क्लीनिकों में चिकित्सा ले रहे पीड़ितों में विभिन्न तरह के हेपेटाइटिस और एचआईवी से संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे केंद्रों पर अयोग्य चिकित्सकों द्वारा बिना स्ट्रेलाइजेशन के उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं। साफ-सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जाता है। इस कारण अगर कोई पीड़ित पहले से उक्त बीमारियों से ग्रस्त है तो वे उपकरणों के माध्यम से दूसरे लोगों में संक्रमण फैला सकता है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सस्ती चिकित्सा के चक्कर में ऐसे केंद्रों को प्राथमिकता देते हैं।
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डेंटल क्लीनिक चलाने के लिए प्रमुख रूप से पंजीकृत योग्य डेंटल डाक्टर और क्लीनिक के पंजीकृत होना जरूरी है। काउंसिल को ऐसी कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें शहर और आसपास के क्षेत्रों में धड़ल्ले से झोलाछाप डाक्टर चला रहे हैं। इनमें मरीज को खुद को पंजीकृत डाक्टर बताकर उन्हें सही इलाज नहीं देते हैं। अधिक पैसे भी वसूलते हैं। काउंसिल के डॉ. रितेश गुप्ता ने बताया कि भविष्य में अवैध डेंटल क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। ऐसी क्लीनिकों की शिनाख्त कर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी की गई है। काउंसिल की जांच टीम में डॉ. रितेश के अलावा इंचार्ज क्लीनिकल इंस्पेक्शन डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. सतविंदर सिंह सहायक प्रोफेसर सी/ओ आईजी डेंटल कालेज जम्मू, डॉ. राकेश रैना डेंटल सर्जन डीएचएस जम्मू, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. राजेश निजी प्रैक्टिशेनियर, डॉ. गिरीश गुप्ता, डॉ. मुनीश गुप्ता शामिल रहे।
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हैपेटाइटिस, एचआईपी की आशंका बढ़ी
जम्मू। जेएंडके स्टेट डेंटल काउंसिल के प्रधान डॉ. रोमेश सिंह ने बताया कि अवैध डेंटल क्लीनिकों में चिकित्सा ले रहे पीड़ितों में विभिन्न तरह के हेपेटाइटिस और एचआईवी से संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे केंद्रों पर अयोग्य चिकित्सकों द्वारा बिना स्ट्रेलाइजेशन के उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं। साफ-सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जाता है। इस कारण अगर कोई पीड़ित पहले से उक्त बीमारियों से ग्रस्त है तो वे उपकरणों के माध्यम से दूसरे लोगों में संक्रमण फैला सकता है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सस्ती चिकित्सा के चक्कर में ऐसे केंद्रों को प्राथमिकता देते हैं।
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