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Udhampur News: टेलरिंग का प्रशिक्षण लेकर कैलाश देवी ने शुरू किया स्वरोजगार, बनीं आत्मनिर्भर
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कैलाश देवी
-ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र से लिया प्रशिक्षण, पंचैरी के सुमन गांव में चल रहीं बुटीक
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से टेलरिंग का प्रशिक्षण हासिल कर पंचैरी के सुमन गांव की कैलाश देवी अब अपना स्वयं का स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन गई हैं।
कैलाश देवी कहना है कि दूरदराज के ग्रामीण इलाके से होने के कारण पहले घरेलू कामकाज से आगे किसी तरह की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने का कोई तजुर्बा नहीं था और न कभी इस तरह की कोई सोच थी। घर परिवार के कामकाज संभालते ही वक्त बीत रहा था। आर्थिक जरूरतों के लिए परिवार के पुरुषों पर ही निर्भर थे लेकिन बाद में सरकार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी ने स्वरोजगार के लिए काफी प्रोत्साहित किया। लेकिन स्वरोजगार के लिए कोई प्रशिक्षण अथवा ज्ञान नहीं होने से चाहकर भी कुछ नहीं हो पा रहा था।
इस बीच एसबीआई के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में निशुल्क प्रशिक्षण की जानकारी मिली और फिर वहां से टेलरिंग का प्रशिक्षण हासिल करने के बाद अब अपना खुद का बुटीक खोला है। काम अच्छा चल रहा है और महीने में 10 से 12 हजार की आमदन हो जाती है। गांव की अन्य महिलाओं को भी टेलरिंग का काम सिखाती हूं ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें। अन्य महिलाओं को भी यही संदेश है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर खुद का स्वरोजगार शुरू करें और खुद का आत्मनिर्भर बनाकर परिवार की आजीविका को मजबूत करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से टेलरिंग का प्रशिक्षण हासिल कर पंचैरी के सुमन गांव की कैलाश देवी अब अपना स्वयं का स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन गई हैं।
कैलाश देवी कहना है कि दूरदराज के ग्रामीण इलाके से होने के कारण पहले घरेलू कामकाज से आगे किसी तरह की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने का कोई तजुर्बा नहीं था और न कभी इस तरह की कोई सोच थी। घर परिवार के कामकाज संभालते ही वक्त बीत रहा था। आर्थिक जरूरतों के लिए परिवार के पुरुषों पर ही निर्भर थे लेकिन बाद में सरकार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी ने स्वरोजगार के लिए काफी प्रोत्साहित किया। लेकिन स्वरोजगार के लिए कोई प्रशिक्षण अथवा ज्ञान नहीं होने से चाहकर भी कुछ नहीं हो पा रहा था।
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इस बीच एसबीआई के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में निशुल्क प्रशिक्षण की जानकारी मिली और फिर वहां से टेलरिंग का प्रशिक्षण हासिल करने के बाद अब अपना खुद का बुटीक खोला है। काम अच्छा चल रहा है और महीने में 10 से 12 हजार की आमदन हो जाती है। गांव की अन्य महिलाओं को भी टेलरिंग का काम सिखाती हूं ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें। अन्य महिलाओं को भी यही संदेश है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर खुद का स्वरोजगार शुरू करें और खुद का आत्मनिर्भर बनाकर परिवार की आजीविका को मजबूत करें।
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