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Udhampur News: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र स्नान के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
Sun, 23 Jun 2024 04:07 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sun, 23 Jun 2024 04:07 AM IST
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सुधमहादेव मेले का दूसरा दिन, भोले बाबा के जयकारों से गूंजता रहा क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। तीन दिवसीय ऐतिहासिक सुधमहादेव मेला जारी है। शनिवार को दूसरे दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र स्रान के लिए आस्था का सैलाब उमड़ा रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गौरीकुंड, सुधमहादेव स्थित देविका और पाप नाशनी बावली में पवित्र स्नान कर पुण्य कमाया। सुबह 11 से शाम तक सड़क पर चलने के लिए जगह नहीं बची थी। भोले बाबा के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
मेला स्थल पर शनिवार को कभी धूप तो कभी बादलों का दौर रहा, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह कमी नहीं आई। दोपहर बाद हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। उधर, बड़ी संख्या में लोगों को पारंपरिक झूलों का लुत्फ उठाते देखा गया। सुधमहादेव मेले में शनिवार की पूर्व संध्या पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते रहे। क्योंकि, शनिवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र स्रान के बाद भगवान शिव के दर्शन करने थे। शनिवार को जम्मू, कठूआ, सांबा, रियासी और उधमपुर सहित कई स्थानों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गौरीकुंड में पहला स्नान, सुधमहादेव में दूसरा और मानतलाई में तीसरा स्नान कर भगवान शिव के दर्शन कर किए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देख कर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
सुधमहादेव मेले में हायर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में पर जिला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की ओर से हर साल की तरह इस बार भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इसमें स्थानीय एवं डोगरी कलाकारों ने हिस्सा लेकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही स्कूली विद्यार्थियों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस बार भी सुधमहादेव मंदिर जंगम की ओर से प्रस्तुत की गई शिव गाथा से गूंजता रहा। इस सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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इस बार भी खली शंकर की कमी
इस बार भी सुधमहादेव के मंदिर के पास ढोल नगाड़ा बजाने वाले शंकर की कमी खली है। शंकर कई सालों से हर वर्ष मेले में तीन दिन तक नगाड़ा बजाता था। लेकिन, कुछ वर्षों से उसके न आने से उक्त स्थान वीरान पड़ा है। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि उसका कुछ पता नहीं है। उसके ढोल व नगाड़े स्टोर में पड़े हैं।
दो दिन में 50 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
सुधमहादेव मंदिर में शुक्रवार से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। शनिवार तक करीब 50 हजार लोग मंदिर में शीश नवा चुके हैं। मेले में काफी रौनक है। सेवादारों की ओर से लंगर लगाया गया है। चिनैनी में हल्वा और आलू का स्टाल और छबील लगाई गई है।
दोपहर के समय जम्मू से सुधमहादेव पहुंची छड़ी
जम्मू से शनिवार की सुबह छड़ी मुबारक धूमधाम के साथ निगली जो नगरोटा, उधमपुर स्थित देविका, चिनैनी के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, गौरकुंड, सुधमहादेव देविका और पाप नाशनी बाबली से होती हुई प्राचीन शिव मंदिर में दोपहर के समय पहुंची। हर जगह छड़ी मुबारक का जोरदार स्वागत किया गया। चिनैनी में भी छड़ी का भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान झांकियां भी निकाली गईं। सुधमहादेव में छड़ी पहुंचने के बाद प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। तीन दिवसीय ऐतिहासिक सुधमहादेव मेला जारी है। शनिवार को दूसरे दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र स्रान के लिए आस्था का सैलाब उमड़ा रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गौरीकुंड, सुधमहादेव स्थित देविका और पाप नाशनी बावली में पवित्र स्नान कर पुण्य कमाया। सुबह 11 से शाम तक सड़क पर चलने के लिए जगह नहीं बची थी। भोले बाबा के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
मेला स्थल पर शनिवार को कभी धूप तो कभी बादलों का दौर रहा, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह कमी नहीं आई। दोपहर बाद हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। उधर, बड़ी संख्या में लोगों को पारंपरिक झूलों का लुत्फ उठाते देखा गया। सुधमहादेव मेले में शनिवार की पूर्व संध्या पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते रहे। क्योंकि, शनिवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र स्रान के बाद भगवान शिव के दर्शन करने थे। शनिवार को जम्मू, कठूआ, सांबा, रियासी और उधमपुर सहित कई स्थानों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गौरीकुंड में पहला स्नान, सुधमहादेव में दूसरा और मानतलाई में तीसरा स्नान कर भगवान शिव के दर्शन कर किए।
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सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देख कर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
सुधमहादेव मेले में हायर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में पर जिला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की ओर से हर साल की तरह इस बार भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इसमें स्थानीय एवं डोगरी कलाकारों ने हिस्सा लेकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही स्कूली विद्यार्थियों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस बार भी सुधमहादेव मंदिर जंगम की ओर से प्रस्तुत की गई शिव गाथा से गूंजता रहा। इस सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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इस बार भी खली शंकर की कमी
इस बार भी सुधमहादेव के मंदिर के पास ढोल नगाड़ा बजाने वाले शंकर की कमी खली है। शंकर कई सालों से हर वर्ष मेले में तीन दिन तक नगाड़ा बजाता था। लेकिन, कुछ वर्षों से उसके न आने से उक्त स्थान वीरान पड़ा है। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि उसका कुछ पता नहीं है। उसके ढोल व नगाड़े स्टोर में पड़े हैं।
दो दिन में 50 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
सुधमहादेव मंदिर में शुक्रवार से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। शनिवार तक करीब 50 हजार लोग मंदिर में शीश नवा चुके हैं। मेले में काफी रौनक है। सेवादारों की ओर से लंगर लगाया गया है। चिनैनी में हल्वा और आलू का स्टाल और छबील लगाई गई है।
दोपहर के समय जम्मू से सुधमहादेव पहुंची छड़ी
जम्मू से शनिवार की सुबह छड़ी मुबारक धूमधाम के साथ निगली जो नगरोटा, उधमपुर स्थित देविका, चिनैनी के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, गौरकुंड, सुधमहादेव देविका और पाप नाशनी बाबली से होती हुई प्राचीन शिव मंदिर में दोपहर के समय पहुंची। हर जगह छड़ी मुबारक का जोरदार स्वागत किया गया। चिनैनी में भी छड़ी का भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान झांकियां भी निकाली गईं। सुधमहादेव में छड़ी पहुंचने के बाद प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की गई।