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Udhampur News: शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
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उधमपुर। शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी में ''लिंग संवेदीकरण'' विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) नई दिल्ली की ओर से प्रायोजित इस पुलिस कार्मिक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के 22 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भाग ले रहे हैं। वीरवार को मुख्य अभियोजन अधिकारी राकेश संब्याल ने पाठ्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।
उन्होंने निदेशक एसकेपीए की ओर से सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लैंगिक असमानता को संबोधित करना पाठ्यक्रम का केंद्र बिंदु है, जो महिलाओं के असुरक्षित महसूस करने के पीछे के कारणों पर प्रकाश डालता है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम न्याय सुनिश्चित करने और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है। इसके लिए लिंग संवेदनशीलता और फोरेंसिक विज्ञान दोनों की सूक्ष्म समझ की आवश्यकता होती है। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को लिंग संबंधी मामलों को सहानुभूति और व्यावसायिकता के साथ संभालने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस करना व जांच को मजबूत करने के लिए फोरेंसिक उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना है।
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पाठ्यक्रम का समन्वय इंस्पेक्टर चंद्र मोहन ने किया। इसमें एचसी राम पॉल ने सहयोग दिया। यह पहल लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने और महिलाओं की सुरक्षा एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों के समाधान में कानून प्रवर्तन की क्षमताओं को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) नई दिल्ली की ओर से प्रायोजित इस पुलिस कार्मिक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के 22 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भाग ले रहे हैं। वीरवार को मुख्य अभियोजन अधिकारी राकेश संब्याल ने पाठ्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।
उन्होंने निदेशक एसकेपीए की ओर से सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लैंगिक असमानता को संबोधित करना पाठ्यक्रम का केंद्र बिंदु है, जो महिलाओं के असुरक्षित महसूस करने के पीछे के कारणों पर प्रकाश डालता है।
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उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम न्याय सुनिश्चित करने और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है। इसके लिए लिंग संवेदनशीलता और फोरेंसिक विज्ञान दोनों की सूक्ष्म समझ की आवश्यकता होती है। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को लिंग संबंधी मामलों को सहानुभूति और व्यावसायिकता के साथ संभालने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस करना व जांच को मजबूत करने के लिए फोरेंसिक उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना है।
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पाठ्यक्रम का समन्वय इंस्पेक्टर चंद्र मोहन ने किया। इसमें एचसी राम पॉल ने सहयोग दिया। यह पहल लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने और महिलाओं की सुरक्षा एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों के समाधान में कानून प्रवर्तन की क्षमताओं को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।