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चार माह से बंद शहीद भगत सिंह पार्क की हालत खराब
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उधमपुर। शहर के बीच स्थित शहीद भगत सिंह पार्क करीब चार महीने से बंद पड़ा है। रख रखाव न किए जाने के कारण पार्क की हालत भी खराब हो गई है। सरकार की तरफ से पार्क को खोलने की अनुमति मिलने के बावजूद नगर परिषद की तरफ से इसको खोला नहीं जा रहा है। पार्क बंद रहने के कारण शहरवासियों को सैर करने के लिए कोई उचित स्थान नहीं मिल रहा है। शहरवासियों का कहना है कि अब हालात में सुधार होने के बावजूद पार्क को खोलना चाहिए और सबसे पहले पार्क की हालत को सुधारा जाना चाहिए।
अप्रैल महीने में जब जिले में कोरोना के मामले बढ़ने लगे थे तो नगर परिषद ने सरकार से आदेश मिलने के बाद पार्क को बंद कर दिया था। इसके बाद कई महीने तक पार्क बंद ही रहा और किसी को भी पार्क के अंदर आने की अनुमति नहीं मिली। जुलाई में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद सरकार की तरफ से पार्क खोलने की भी अनुमति दे दी गई, लेकिन नगर परिषद ने अभी तक शहीद भगत सिंह पार्क नहीं खोला है। वहीं रख रखाव के अभाव में पार्क की हालत खराब हो गई है। पार्क के अंदर घास इतनी बड़ी हो गई है कि अब पार्क के अंदर पैदल चलने के लिए भी स्थान नहीं बचा है। बैठने के लिए लगाए गए बैंच के आसपास भी घास उग गई है। पार्क की हालत को देखकर शहरवासियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है।
शहर पहुंचने पर ग्रामीणों को नहीं मिल रहा बैठने के लिए स्थान
जिले के ग्रामीण इलाकों से भी हर रोज हजारों की संख्या में लोग खरीदारी करने के लिए शहर में पहुंचते हैं और इनके लिए बैठने और आराम करने का एकमात्र स्थान शहीद भगत सिंह पार्क है। जब से पार्क बंद हो गया है। तब से ग्रामीणों को बाजार पहुंचने पर बैठने के लिए स्थान नहीं मिल रहा है। इसके साथ पार्क में सुबह व शाम शहरवासी भी सैर करने के लिए जाते थे। लेकिन पार्क के बंद होने के कारण शहरवासियों को भी सैर करने के लिए स्थान नहीं मिल रहा है।
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ओपन जिम की भी हालत होने लगी खराब
2019 में पूर्व विधायक ने अपने फंड से पार्क के अंदर जिम स्थापित की थी। इसमें युवाओं के व्यायाम करने के लिए हर तरह के उपकरण लगाए गए हैं। पार्क के बंद होने के कारण युवाओं को जिम का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं इस्तेमाल न किए जाने के कारण जिम की भी हालत खराब हो रही है।
कोरोना के मामले बढ़ने के बाद ही पार्क को बंद किया गया था। इसके खुलने पर हमेशा भीड़ लगती है, जिस कारण इसे खोला नहीं जा रहा है। पहले विचार किया जा रहा था, लेकिन अब फिर से मामलों में बढ़ोतरी हो लगी है। मौजूदा समय में घास काटने का काम शुरू कर दिया है। युवाओं को ओपन जिम का लाभ देने के लिए सप्ताह तक इसको खोलने की तैयारी है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, चेयरमैन, नगर परिषद
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अप्रैल महीने में जब जिले में कोरोना के मामले बढ़ने लगे थे तो नगर परिषद ने सरकार से आदेश मिलने के बाद पार्क को बंद कर दिया था। इसके बाद कई महीने तक पार्क बंद ही रहा और किसी को भी पार्क के अंदर आने की अनुमति नहीं मिली। जुलाई में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद सरकार की तरफ से पार्क खोलने की भी अनुमति दे दी गई, लेकिन नगर परिषद ने अभी तक शहीद भगत सिंह पार्क नहीं खोला है। वहीं रख रखाव के अभाव में पार्क की हालत खराब हो गई है। पार्क के अंदर घास इतनी बड़ी हो गई है कि अब पार्क के अंदर पैदल चलने के लिए भी स्थान नहीं बचा है। बैठने के लिए लगाए गए बैंच के आसपास भी घास उग गई है। पार्क की हालत को देखकर शहरवासियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है।
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शहर पहुंचने पर ग्रामीणों को नहीं मिल रहा बैठने के लिए स्थान
जिले के ग्रामीण इलाकों से भी हर रोज हजारों की संख्या में लोग खरीदारी करने के लिए शहर में पहुंचते हैं और इनके लिए बैठने और आराम करने का एकमात्र स्थान शहीद भगत सिंह पार्क है। जब से पार्क बंद हो गया है। तब से ग्रामीणों को बाजार पहुंचने पर बैठने के लिए स्थान नहीं मिल रहा है। इसके साथ पार्क में सुबह व शाम शहरवासी भी सैर करने के लिए जाते थे। लेकिन पार्क के बंद होने के कारण शहरवासियों को भी सैर करने के लिए स्थान नहीं मिल रहा है।
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ओपन जिम की भी हालत होने लगी खराब
2019 में पूर्व विधायक ने अपने फंड से पार्क के अंदर जिम स्थापित की थी। इसमें युवाओं के व्यायाम करने के लिए हर तरह के उपकरण लगाए गए हैं। पार्क के बंद होने के कारण युवाओं को जिम का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं इस्तेमाल न किए जाने के कारण जिम की भी हालत खराब हो रही है।
कोरोना के मामले बढ़ने के बाद ही पार्क को बंद किया गया था। इसके खुलने पर हमेशा भीड़ लगती है, जिस कारण इसे खोला नहीं जा रहा है। पहले विचार किया जा रहा था, लेकिन अब फिर से मामलों में बढ़ोतरी हो लगी है। मौजूदा समय में घास काटने का काम शुरू कर दिया है। युवाओं को ओपन जिम का लाभ देने के लिए सप्ताह तक इसको खोलने की तैयारी है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, चेयरमैन, नगर परिषद