फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   skaust Team Visit Village Baredia

Udhampur News: स्कॉस्ट के विशेषज्ञों ने बरेड़ियां में किए सैंपल जमा, मरी हुई मछलियों का होगा पोस्टर्माटम

विज्ञापन
skaust Team Visit Village Baredia
- तीन दिन बाद सभी सैंपल और जांच को लेकर की जाएगी संयुक्त रिपोर्ट तैयार
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। बरेड़ियां के बिरमा-दुद्धर संगम नाले में मछलियों के मौत के मामले में शेरे कश्मीर कृषि विभाग विश्वविद्यालय (स्कॉस्ट) की टीम भी जांच में जुट गई है। हालांकि विभिन्न विभागों की ओर से पानी के सैंपल जमा अलग-अलग प्रकार के टेस्ट के लिए भेजे गए थे जिनमें से कुछ सैंपल की रिपोर्ट में हानिकारक रसायन की मिलावट होने की पुष्टि हुई है।
इससे आम आदमी के स्वास्थ्य पर भी खतरा हो सकता है। गौतरलब है कि लगभग छह दिन पहले बरेड़ियां के दुद्धर-बिरमा संगम नाले में मछलियों के मरने की वजह से इलाके में सनसनी फैल गई थी। जिसको लेकर स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों से प्रशासन से मामले की जांच की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जल शक्ति विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मत्स्य पालन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची थी। सभी विभागों ने अपने-अपने स्तर पर सैंपल जमा कर जांच के लिए भेज दिए।
विज्ञापन

प्राथमिक जांच में नाले के पानी में जहरीले रसायन की मिलावट होने की आशंका के चलते सभी नमूनों को उच्च जांच के लिए जम्मू भेज दिया गया है। खासकर नाले से बट्टल फिल्ट्रेशन प्लांट से जल शक्ति विभाग की ओर से विभिन्न पंचायतों में की जाने वाली पीने के पानी की सप्लाई को भी एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सोमवार को मछली पालन विभाग की ओर से स्कॉस्ट के विशेषज्ञों की टीम भी घटना स्थल पर पहुंचे। जहां मछलियों के शवों को भी पोस्टमार्टम के लिए जमा किया गया और विज्ञानिकों की टीम पानी के विशेष नमूने भी जमा कर अपने साथ ले गई। जबकि मछली पालन, प्रदूषण नियंत्रण और जल शक्ति विभाग की ओर से भी जांच के लिए भेजे गए सभी नमूनों की संयुक्त रिपाेर्ट भी आना बाकी है।
सूत्रों की मानें तो कुछ सैंपल में एमोनिया की 0.5 सामान्य मात्रा के मुकाबले 1.5 से 2.0 और कलर की मात्र 15 सामान्य मात्रा के मुकाबले 62 से 64 पाई गई है। जबकि पानी में इकॉली भी मौजूदगी भी दर्ज की गई है। फिल्ट्रेशन के माध्यम से पानी को एमोनिया से खत्म नहीं किया जा सकता है। खासकर कलर और इकॉली युक्त पानी को फिल्ट्रेशन से ट्रीट किया जा सकता है। एमोनिया की मौजूदगी से स्पष्ट होता है कि पानी में जहरीले रसायन का मिश्रण है।
अब यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह कारखानों से छोड़ा गया रसायन या अन्य कारणों से पानी को दूषित कर रहा है। बहरहाल कृषि विश्व विद्यालय की मुख्य रिपोर्ट आने और अन्य सैंपलों की रिपोर्ट आने की बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

इस बारे में मछलीपालन विभाग की एडी अनु बाला ने बताया कि सोमवार को जम्मू से कृषि विज्ञान विश्व विद्यालय से विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की विशेष टीम मौके पर पहुंची थी। तीन दिन बाद पोस्टमार्टम और सभी सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ निष्कर्ष निकल पाएगा और उसकी आधार पर अगला निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed