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सामाजिक और धार्मिक सद्भाव से होगा विकास
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भद्रवाह। नेशनल हाईवे डोडा किश्तवाड़ की यातायात पुलिस ने वीरवार को धार्मिक सद्भाव विषय पर भद्रवाह कैंपस में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इसका उद्देश्य धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने था। कार्यक्रम में एसडीपीओ भद्रवाह मीर गफूर मुख्यातिथि थे।
डिप्टी एसपी ट्रैफिक बलजीत सिंह ने कहा कि सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत आयोजित सेमिनार का मुख्य उद्देश्य सभी को विशेष रूप से युवाओं को यह समझाना है कि हम सामाजिक, धर्म और आर्थिक सद्भाव के माध्यम से विकास कर सकते हैं। संगोष्ठी में विभिन्न आयु वर्ग के छात्रों ने भाग लिया और सांप्रदायिक सद्भाव पर अपने विचार साझा किए। संगोष्ठी में वक्ताओं ने विभिन्न धर्मों और विश्वासों के बीच सांप्रदायिक सद्भाव को उजागर करने के अलावा उनके बीच आपसी समझ में सुधार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
भद्रवाह कैंपस के बिजनेस स्कूल की छात्रा रिया चरक ने कहा कि हमें इस विविधता को परमात्मा का एक उपहार स्वीकार करना चाहिए। हमें दूसरे को आंकने की जरूरत नहीं, बल्कि हमें सम्मान करने की जरूरत है, जो मानव विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कहने के लिए नहीं कि केवल मेरा मार्ग सही है, बल्कि यह कहना है कि मेरा मार्ग मेरे लिए सही है, और आपका मार्ग आपके लिए सही है। मैं आपके मार्ग का सम्मान करता हूं, और आशा करता हूं कि आप मेरे मार्ग का सम्मान करेंगे। यह आध्यात्मिक एकता का एक मूलभूत सिद्धांत है।
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डिप्टी एसपी ट्रैफिक बलजीत सिंह ने कहा कि सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत आयोजित सेमिनार का मुख्य उद्देश्य सभी को विशेष रूप से युवाओं को यह समझाना है कि हम सामाजिक, धर्म और आर्थिक सद्भाव के माध्यम से विकास कर सकते हैं। संगोष्ठी में विभिन्न आयु वर्ग के छात्रों ने भाग लिया और सांप्रदायिक सद्भाव पर अपने विचार साझा किए। संगोष्ठी में वक्ताओं ने विभिन्न धर्मों और विश्वासों के बीच सांप्रदायिक सद्भाव को उजागर करने के अलावा उनके बीच आपसी समझ में सुधार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
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भद्रवाह कैंपस के बिजनेस स्कूल की छात्रा रिया चरक ने कहा कि हमें इस विविधता को परमात्मा का एक उपहार स्वीकार करना चाहिए। हमें दूसरे को आंकने की जरूरत नहीं, बल्कि हमें सम्मान करने की जरूरत है, जो मानव विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कहने के लिए नहीं कि केवल मेरा मार्ग सही है, बल्कि यह कहना है कि मेरा मार्ग मेरे लिए सही है, और आपका मार्ग आपके लिए सही है। मैं आपके मार्ग का सम्मान करता हूं, और आशा करता हूं कि आप मेरे मार्ग का सम्मान करेंगे। यह आध्यात्मिक एकता का एक मूलभूत सिद्धांत है।

भद्रवाह- फोटो : UDHAMPUR
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