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जम्मू-कश्मीर: चिनैनी में गर्भवती को पालकी में उठाकर दो घंटे पैदल चले ग्रामीण, फिर एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल

Sat, 22 Jul 2023 12:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो रोहित गुप्ता, चिनैनी
रोहित गुप्ता, चिनैनी Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Sat, 22 Jul 2023 12:00 AM IST
सार

चिनैनी तहसील के कोलासर गांव की गर्भवती को बमुश्किल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने पहले महिला को दो घंटे पालकी में बैठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। 

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Jammu Kashmir: Villagers walked for two hours carrying a pregnant woman palanquin in Chinaini
चिनैनी तहसील के गांव में गर्भवती को उपचार के लिए ले जाते - फोटो : संवाद

विस्तार

चिनैनी तहसील के अंतर्गत पड़ते एक गांव में गर्भवती महिला को पहले पालकी पर बिठाकर पैदल आठ किलोमीटर दूर ले जाया गया। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए सीएचसी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां नीलम देवी (22) की हालत स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को चिनैनी तहसील के कोलासर गांव की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो गई।

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इसके बाद चिनैनी से एंबुलेंस मंगवाई गई। एंबुलेंस चिनैन से चली, लेकिन नगुलता रजार के बीच पड़ते एक नाले (डायवर्जन) में फंस गई। एंबुलेंस को स्थानीय लोगों की मदद से निकाला गया लेकिन नाले को एंबुलेंस पार नही कर पाई। इसके बाद गर्भवती को घर से पालकी के सहारे आठ किलोमीटर दूर एंबुलेंस तक ले जाया गया।
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इसमें दो घंटे का समय लगा। इसके बाद गर्भवती को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। गर्भवती महिला के पति काका राम ने बताया कि वह पंचायत कोलासर के वार्ड छह सकैरनी में रहते हैं। दोपहर को जैसे ही उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो एंबुलेंस को सूचित किया।
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एंबुलेंस के नाला पार नहीं करने के चलते गांव के लोगों की मदद से उनकी पत्नी को घर से पालकी में बिठाकर पहले खंडाल गांव पहुंचे। इसके बाद पैदल सड़क मार्ग से गांव घाड़ियां, नगुलता ए, नगुलता बी से होते हुए कनाड़ डायवर्जन के पास पहुंचे और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि करीब दो घंटे पैदल चलने के दौरान उनकी पत्नी पीड़ा से कराह रही थी। नाले की हालत ठीक होती तो उन्हें इतनी परेशानी न होती। उन्होंने बताया कि वह अस्पताल पहुंच गए हैं तथा उनकी पत्नी की हालत ठीक है।

बीडीसी चेयरमैन ने कहा, डायवर्जन की हालत सुधारी जाए

बीडीसी चेयरमैन प्रकाश चंद ने पीएमजीएसवाई के खिलाफ भारी रोष जताया। उन्होंने कहा कि बीते दिनों चिनैनी में डीसी दरबार में भी नगुलता से रजार सड़क पर डायवर्जन की हालत सुधारने की मांग की गई थी। डीसी ने भी इसको लेकर निर्देश दिए थे मगर इस मार्ग पर पहला डायवर्जन पांच किलोमीटर पर है। 

दूसरा डायवर्जन 12 किलोमीटर पर है, जहां से छोटी गाड़ी क्राॅस नही हो पाती और आपात स्थिति में लोगों को दिक्कतें होती हैं। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई विभाग ने डीसी के निर्देश का भी पालन नहीं किया, जिस कारण आज भी उस डायवर्जन की हालत खस्ता है, जिससे लोग परेशान होते हैं।

शुक्रवार को एक गर्भवती महिला नीलम देवी (22) पत्नी काका राम निवासी कोलासर को आठ किलोमीटर पालकी से ले जाया गया। उन्होंने रोष जाहिर किया कि कई सड़कें बनाई जा रही हैं, लेकिन उनकी देख रेख नही होने से ग्रामीणों की समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने सरकार से सड़कों की हालत पर ध्यान देने की मांग की है।

नाले छोटे होने व जलस्तर बढ़ने से आती है समस्या : एईई

पीएमजीएसवाई के एईई रितेश कुमार ने कहा कि नगुलता से रजार सड़क के बीच दो डायवर्जन है और इन डायवर्जनाें को मशीन के साथ सफाई कर ठीक किया गया, लेकिन बरसात में नाले छोटे होने की वजह से पानी का जल स्तर ज्यादा होने से कई पत्थर व पेड़ इन डायवर्जनों तक पहुंच जाते हैं जिससे दिक्कते होती है।

मशीनेें लगाकर डायवर्जन खोल दिए जाते हैं। चिनैनी क्षेत्र के 14 पुलों को लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया है जिनमें से दो पुल इस मार्ग के भी हैं। उनके द्वारा भी पुलों का प्रस्ताव भेजा जाएगा

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