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तेंदुआ और उसके शावक देखे जाने से दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला, उध्ामपुर
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:15 AM IST
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कैंबलडंगा गांव में ग्रामीणों द्वारा तेंदुए और उसके शावकों के देखे जाने से डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों द्वारा कई बार तेंदुए को शावकों सहित देखा गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मदद के लिए गुहार लगाई है।
पिछले दो महीनों से जिब के कैंबलडंगा पंचायत के लोगों द्वारा कई बार तेंदुए को देखा गया है। अंधेरा होते ही तेंदुआ बेखौफ गांव के चक्कर लगाता देखा जा सकता है।
तेंदुए के डर से ग्रामीणों का रात को घर से बाहर जाना मुश्किल हो गया है। रात के वक्त अगर कोई जरूरी काम पड़ जाता है तो जान हथेली पर रखकर जाना पड़ता है।
स्थानीय निवासी बनारसी लाल ने बताया कि गुरुवार रात को वह अपनी दुकान बंद कर घर को जा रहा था। रास्ते में अचानक उन्हें एक तेंदुआ नजर आया। वह डर के मारे झाड़ियों में अपनी जान बचाने के लिए छिप गया।
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कुछ ही देर बाद तेंदुए के दो शावक भी उसके पीछे आ गए। वह बहुत देर तक झाड़ियों में डर कर बैठा रहा। एक अन्य ग्रामीण चरणदास ने बताया कि वह शाम के समय अपने खेतों से घर की ओर जा रहा था।
घर के रास्ते पर उसने तेंदुए के दो शावकों को खेलते हुए देखा। कुछ दिन बाद फिर से उन्हीं शावकों को एक तेंदुए के साथ देखा गया।
चरणदास की तरह और भी कई ग्रामीणों ने तेंदुए को गांव के आस-पास घूमते देखा है। गिरधारी लाल ने बताया कि उन्होंने भी रात के समय एक तेंदुए को अपने मकान के पास देखा था।
ग्रामीणों में तेंदुए के देखे जाने से डर का माहौल बना हुआ है। वह अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी चिंता में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा जाए। तेंदुए और शावकों को पकड़कर ग्रामीणों को डर से मुक्ति दिलाई जाए।
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पिछले दो महीनों से जिब के कैंबलडंगा पंचायत के लोगों द्वारा कई बार तेंदुए को देखा गया है। अंधेरा होते ही तेंदुआ बेखौफ गांव के चक्कर लगाता देखा जा सकता है।
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तेंदुए के डर से ग्रामीणों का रात को घर से बाहर जाना मुश्किल हो गया है। रात के वक्त अगर कोई जरूरी काम पड़ जाता है तो जान हथेली पर रखकर जाना पड़ता है।
स्थानीय निवासी बनारसी लाल ने बताया कि गुरुवार रात को वह अपनी दुकान बंद कर घर को जा रहा था। रास्ते में अचानक उन्हें एक तेंदुआ नजर आया। वह डर के मारे झाड़ियों में अपनी जान बचाने के लिए छिप गया।
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कुछ ही देर बाद तेंदुए के दो शावक भी उसके पीछे आ गए। वह बहुत देर तक झाड़ियों में डर कर बैठा रहा। एक अन्य ग्रामीण चरणदास ने बताया कि वह शाम के समय अपने खेतों से घर की ओर जा रहा था।
घर के रास्ते पर उसने तेंदुए के दो शावकों को खेलते हुए देखा। कुछ दिन बाद फिर से उन्हीं शावकों को एक तेंदुए के साथ देखा गया।
चरणदास की तरह और भी कई ग्रामीणों ने तेंदुए को गांव के आस-पास घूमते देखा है। गिरधारी लाल ने बताया कि उन्होंने भी रात के समय एक तेंदुए को अपने मकान के पास देखा था।
ग्रामीणों में तेंदुए के देखे जाने से डर का माहौल बना हुआ है। वह अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए काफी चिंता में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा जाए। तेंदुए और शावकों को पकड़कर ग्रामीणों को डर से मुक्ति दिलाई जाए।