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सीमा पर पहुंच देश सेवा को उत्साहित हैं पुरस्कार विजेता नव आरक्षक

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jammu kashmir news
उधमपुर। सहायक प्रशिक्षण केंद्र में पांच नव आरक्षकों ने शानदार प्रदर्शन पदक हासिल किए हैं। पदक हासिल करने के बाद उनका उत्साह बढ़ा है। उनका कहना है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सबको देश के विभिन्न हिस्सों में सीमाओं की सुरक्षा के लिए भेजा जाएगा। उनका लक्ष्य अब केवल देश की सुरक्षा है। सबने इसको लेकर बचपन से सपने देखे थे, और आज उनका सपना पूरा हुआ है।
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1. आने वाले दिनों में नया जीवन जीना है। सीमाओं पर तैनात होकर अब देश की सेवा करनी है। मेरे परिवार में यह चौथी पीढ़ी है जो सुरक्षाकर्मी बनकर देश की सेवा करेगी। मेरे परदादा, दादा और पिता सेना में थे। परदादा आजादी से पहले अंग्रेजों की सेना में थे।
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- मानव घनश्यामभाई गंडावी (पालनपुर गुजरात), ओवर ऑल फर्स्ट
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2. मेरे अंदर बचपन से ही सुरक्षाकर्मी बनने का जज्बा था। इसके लिए कड़ी मेहनत भी की। अब बीएसएफ में भर्ती हो गया हूं। नौ महीने में प्रशिक्षण के दौरान पता चला है कि किस तरह सीमाओं को सुरक्षित रखा जा सकता है। परिवार में मैं पहला व्यक्ति हूं जो सुरक्षाकर्मी बन कर देश की सेवा करूंगा।
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- बडोले नुतिकेश मिलिंद (नागपुर, महाराष्ट्र), परेड कमांडर व बेस्ट इन ड्रिल
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3. नौ महीने के प्रशिक्षण के दौरान बहुत कड़ा प्रशिक्षण हासिल किया और सटीक निशानेबाजी के लिए आज बेस्ट शूटर का पुरस्कार मिला है। बीएसएफ के लिए परिवार का बहुत सहयोग मिला है। अब मेरा सपना देश की सेवा करने के साथ दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब देना है।
- खामकर अशोक नवनाथ (महाराष्ट्र), बेस्ट फायरर
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4. सुरक्षाकर्मी बनकर देश की सेवा करने का बचपन से सपना था। स्कूल व कॉलेज में शिक्षा के दौरान तीन वर्ष तक एनसीसी में भी भाग लिया। कड़ी मेहनत के बाद अब बीएसएफ में भर्ती होकर देश सेवा का अवसर मिला है। मेरे किसान पिता ने इसमें पूरा सहयोग किया। पिता की दिन रात मेहनत से ही आज मैं बीएसएफ में भर्ती होने के साथ अवॉर्ड हासिल कर पाया हूं।

- खाड़े बलिराम गोरख (महाराष्ट्र), बेस्ट इन पीटी
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5. नौ महीने के प्रशिक्षण के दौरान सिखाया गया है कि सीमाओं पर हमेशा चौकन्ने रहो। छोटी सी गलती बड़ा नुकसान कर सकती है। पूरे खानदान में मैं पहला व्यक्ति हूं, जिसको आज सुरक्षाकर्मी बन कर देश की सेवा करने का अवसर मिला है। इसके लिए मुझे गर्व है। मेरे पिता किसान हैं और वह आज बहुत खुश हैं।
- इंगोले अर्जुन राजू, ओवर ऑल सैकेंड
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