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Udhampur News: मौंगरी डिग्री कालेज की मंजूरी के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग
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उधमपुर। डिग्री कालेज मौंगरी के उद्घाटन के बाद पूर्व डीडीसी जसबीर सिंह ने कॉलेज शुरू करने से संबंधित आदेश और मंजूरी के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है। रविवार को आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ना स्वागत योग्य कदम है लेकिन कॉलेज की स्थापना और संचालन से जुड़ी प्रक्रिया भी स्पष्ट होनी चाहिए।
पूर्व डीडीसी जसबीर सिंह ने कहा कि मौंगरी में कॉलेज शुरू होने से आसपास के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूरदराज क्षेत्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों को स्थानीय स्तर पर पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कॉलेज में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि कॉलेज शुरू करने के लिए किस स्तर पर मंजूरी दी गई, कौन सा आदेश जारी हुआ और किन प्रावधानों के तहत इसका संचालन किया जा रहा है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। यदि संबंधित विभाग के पास कॉलेज से जुड़े स्वीकृति आदेश और अन्य जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं तो उन्हें सामने लाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
पूर्व डीडीसी ने कहा कि उनकी मांग किसी शिक्षण संस्थान के विरोध में नहीं है। उनका उद्देश्य केवल प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करवाना है। उन्होंने प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग से कॉलेज की मंजूरी, संचालन और संबंधित आदेशों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की ताकि विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों के बीच स्थिति साफ हो सके।
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पूर्व डीडीसी जसबीर सिंह ने कहा कि मौंगरी में कॉलेज शुरू होने से आसपास के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूरदराज क्षेत्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों को स्थानीय स्तर पर पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कॉलेज में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि कॉलेज शुरू करने के लिए किस स्तर पर मंजूरी दी गई, कौन सा आदेश जारी हुआ और किन प्रावधानों के तहत इसका संचालन किया जा रहा है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। यदि संबंधित विभाग के पास कॉलेज से जुड़े स्वीकृति आदेश और अन्य जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं तो उन्हें सामने लाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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पूर्व डीडीसी ने कहा कि उनकी मांग किसी शिक्षण संस्थान के विरोध में नहीं है। उनका उद्देश्य केवल प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करवाना है। उन्होंने प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग से कॉलेज की मंजूरी, संचालन और संबंधित आदेशों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की ताकि विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों के बीच स्थिति साफ हो सके।
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