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Udhampur News: जीएमसी में ई-सहज योजना के अभाव में मरीज असहज
Tue, 12 May 2026 12:38 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Tue, 12 May 2026 12:38 AM IST
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कई लोगों को जानकारी के अभाव में करना पड़ रहा परेशानियों का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जीएमसी अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए ई-सहज योजना के तहत डिजिटल रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू की गई है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी पर्ची मिलती है। कई लोगों को अब भी जानकारी के अभाव के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस योजना के माध्यम मरीजों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें ओपीडी पर्ची उपलब्ध करवाई जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को आसान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को सबसे पहले ई-सहज पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। रजिस्ट्रेशन के दौरान मरीज के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है। इसको दर्ज करने के बाद मरीज का रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाता है। इसके बाद ऑनलाइन ओपीडी पर्ची जारी की जाती है।
विशेष में डिजिटल रिकॉर्ड होने से मरीजों के इलाज में काफी सुविधा मिलती है। कई बार मरीज को पहले किए गए इलाज की जानकारी याद नहीं रहती। ऐसे में आयुष्मान भारत हेल्थ आईडी के माध्यम से मरीज का पुराना रिकॉर्ड आसानी से देखा जा सकता है। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों और बुजुर्ग मरीजों को ओटीपी प्रक्रिया और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई मरीजों के पास मोबाइल फोन नहीं होता या फिर वे ओटीपी दर्ज करने की प्रक्रिया को समझ नहीं पाते। इसी समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन की ओर से छात्रों की ड्यूटी लगाई जाती है जो मरीजों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में मदद करते हैं। छात्र मरीजों को ओटीपी भरने, रजिस्ट्रेशन पूरा करने और ऑनलाइन पर्ची प्राप्त करने में सहायता करते हैं। जिन लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं होता वे परिवार के किसी सदस्य के नंबर का उपयोग कर सकते हैं। कई बार जरूरत पड़ने पर छात्र मोबाइल नंबर से भी मरीजों की सहायता कर रहे हैं।
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कोट
ई-सहज योजना से मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा और भविष्य में इलाज करवाने में आसानी होगी। लोग योजना के प्रति जागरूक नहीं है। इस कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए छात्रों की ड्यूटी लगाई है।
-डाॅ. संजीव गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसी
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उधमपुर। जीएमसी अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए ई-सहज योजना के तहत डिजिटल रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू की गई है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी पर्ची मिलती है। कई लोगों को अब भी जानकारी के अभाव के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस योजना के माध्यम मरीजों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें ओपीडी पर्ची उपलब्ध करवाई जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को आसान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को सबसे पहले ई-सहज पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। रजिस्ट्रेशन के दौरान मरीज के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है। इसको दर्ज करने के बाद मरीज का रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाता है। इसके बाद ऑनलाइन ओपीडी पर्ची जारी की जाती है।
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विशेष में डिजिटल रिकॉर्ड होने से मरीजों के इलाज में काफी सुविधा मिलती है। कई बार मरीज को पहले किए गए इलाज की जानकारी याद नहीं रहती। ऐसे में आयुष्मान भारत हेल्थ आईडी के माध्यम से मरीज का पुराना रिकॉर्ड आसानी से देखा जा सकता है। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों और बुजुर्ग मरीजों को ओटीपी प्रक्रिया और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई मरीजों के पास मोबाइल फोन नहीं होता या फिर वे ओटीपी दर्ज करने की प्रक्रिया को समझ नहीं पाते। इसी समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन की ओर से छात्रों की ड्यूटी लगाई जाती है जो मरीजों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में मदद करते हैं। छात्र मरीजों को ओटीपी भरने, रजिस्ट्रेशन पूरा करने और ऑनलाइन पर्ची प्राप्त करने में सहायता करते हैं। जिन लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं होता वे परिवार के किसी सदस्य के नंबर का उपयोग कर सकते हैं। कई बार जरूरत पड़ने पर छात्र मोबाइल नंबर से भी मरीजों की सहायता कर रहे हैं।
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ई-सहज योजना से मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा और भविष्य में इलाज करवाने में आसानी होगी। लोग योजना के प्रति जागरूक नहीं है। इस कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए छात्रों की ड्यूटी लगाई है।
-डाॅ. संजीव गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसी