{"_id":"615df8958ebc3e628c15dd99","slug":"demonstrating-and-seeking-help-for-the-marriage-of-daughters-udhampur-news-jmu245229796","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शन कर बेटियों की शादी के लिए मांगी मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शन कर बेटियों की शादी के लिए मांगी मदद
विज्ञापन
उधमुपर। बेटियों की शादी के लिए 25 हजार रुपये देने व अन्य लंबित मांगों के समर्थन में मजदूर दस्तकार यूनियन ने विश्वकर्मा मंदिर के हाल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
मजदूरों ने कहा कि सरकारी सुविधाओं की मांग के लिए कई वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई भी उनकी परेशानी की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। दोपहर करीब 12 बजे मजदूर दस्तकार यूनियन के जिला प्रधान दर्शन कुमार के नेतृत्व में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए मजदूरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मजूदरों ने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले सरकार ने बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड का गठन किया और मजदूरों को लाभ देने के लिए कई योजनाएं तैयार की। लेकिन पांच वर्ष पहले कई योजनाओं को बंद कर दिया गया। इनमें एक योजना बेटियों की शादी के लिए आर्थिक मदद करना थी।
श्रम विभाग की तरफ से मजदूरों को बेटी की शादी के लिए 25 हजार रुपये की मदद मिलती थी। लेकिन 2016 से इसको बंद कर दिया गया है। इसके कारण मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पांच वर्ष से मजदूर बेटी की शादी के लिए उधार ले रहे हैं। कई बार इस सुविधा को शुरू करने की मांग को सरकार के सामने रख चुके हैं। मजदूरों को सिवाए आश्वासनों के कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। इसके साथ मजदूूरों को आज तक पेंशन की सुविधा नहीं मिल सकी है। देश के कई राज्यों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के मजदूरों को पेंशन दी जा रही है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में मजदूरों को इस सुविधा से महरूम रखा जा रहा है।
विज्ञापन
मजदूरों को कम से कम तीन हजार रुपये पेंशन मिलनी चाहिए। पिछले कुछ समय से लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है। महंगाई की सबसे ज्यादा मार गरीब मजदूरों को ही पड़ रही है। जरूरत का हर सामान महंगा हो गया है और उनके लिए दिहाड़ी से गुजारा करना मुश्किल हो गया है। महंगाई कम करने को लेकर सरकार कुछ नहीं कर रही है। अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया जाता है तो आने वाले दिनों में मजबूर प्रदर्शन तेज करने पड़ेंगे।
विज्ञापन
मजदूरों ने कहा कि सरकारी सुविधाओं की मांग के लिए कई वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई भी उनकी परेशानी की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। दोपहर करीब 12 बजे मजदूर दस्तकार यूनियन के जिला प्रधान दर्शन कुमार के नेतृत्व में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए मजदूरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मजूदरों ने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले सरकार ने बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड का गठन किया और मजदूरों को लाभ देने के लिए कई योजनाएं तैयार की। लेकिन पांच वर्ष पहले कई योजनाओं को बंद कर दिया गया। इनमें एक योजना बेटियों की शादी के लिए आर्थिक मदद करना थी।
विज्ञापन
श्रम विभाग की तरफ से मजदूरों को बेटी की शादी के लिए 25 हजार रुपये की मदद मिलती थी। लेकिन 2016 से इसको बंद कर दिया गया है। इसके कारण मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पांच वर्ष से मजदूर बेटी की शादी के लिए उधार ले रहे हैं। कई बार इस सुविधा को शुरू करने की मांग को सरकार के सामने रख चुके हैं। मजदूरों को सिवाए आश्वासनों के कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। इसके साथ मजदूूरों को आज तक पेंशन की सुविधा नहीं मिल सकी है। देश के कई राज्यों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के मजदूरों को पेंशन दी जा रही है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में मजदूरों को इस सुविधा से महरूम रखा जा रहा है।
विज्ञापन
मजदूरों को कम से कम तीन हजार रुपये पेंशन मिलनी चाहिए। पिछले कुछ समय से लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है। महंगाई की सबसे ज्यादा मार गरीब मजदूरों को ही पड़ रही है। जरूरत का हर सामान महंगा हो गया है और उनके लिए दिहाड़ी से गुजारा करना मुश्किल हो गया है। महंगाई कम करने को लेकर सरकार कुछ नहीं कर रही है। अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया जाता है तो आने वाले दिनों में मजबूर प्रदर्शन तेज करने पड़ेंगे।