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त्रिकुटा दर्शन त्रिवेणी कुंभ के समान : स्वामी राजेश्वरानंद
Sat, 01 Feb 2025 12:46 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:46 AM IST
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मां वैष्णो देवी के दरवार की ओर नाचते हुए जाते राजेश्वरानद व अन्य ।
- फोटो : मां वैष्णो देवी के दरवार की ओर नाचते हुए जाते राजेश्वरानद व अन्य ।
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कटड़ा। कश्मीर रोड भूमिका मंदिर के पास नल्लेया स्थित राजमाता आश्रम में शुक्रवार को शनि मंदिर का वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस दौरान स्वामी राजेश्वरानंद महाराज ने कहा कि त्रिकुटा दर्शन त्रिवेणी कुंभ के समान शुभ फल देते हैं।
सद्गुरु राजदरबार के प्रबंधक राम वोहरा ने बताया कि राजमाता आश्रम शनि मंदिर के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के पहले दिन स्वामी राजेश्वरानंद महाराज के सांन्निध्य में श्रद्धालु माता की भेंटों पर नाचते हुए नल्लेया से त्रिकुटा पर्वत की ओर बढ़े।
स्वामी महाराज ने कहा कि एक तरफ गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम विशेष ग्रह नक्षत्र में कुंभ स्नान का शुभफल प्राप्त होता है, तो दूसरी तरफ महालक्ष्मी, महासरस्वती और महाकाली का दर्शन गुप्त नवरात्र में विशेष शुभफल प्रदान करता है। विश्वभर में प्रयागराज को तीर्थराज तो शक्तिपीठों में त्रिकुटा पर्वत स्थित वैष्णो देवी दरबार को सर्वोच्च शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है। वहीं शनिवार शाम छह बजे से शनि मंदिर नल्लेया में भगवती चौकी और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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सद्गुरु राजदरबार के प्रबंधक राम वोहरा ने बताया कि राजमाता आश्रम शनि मंदिर के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के पहले दिन स्वामी राजेश्वरानंद महाराज के सांन्निध्य में श्रद्धालु माता की भेंटों पर नाचते हुए नल्लेया से त्रिकुटा पर्वत की ओर बढ़े।
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स्वामी महाराज ने कहा कि एक तरफ गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम विशेष ग्रह नक्षत्र में कुंभ स्नान का शुभफल प्राप्त होता है, तो दूसरी तरफ महालक्ष्मी, महासरस्वती और महाकाली का दर्शन गुप्त नवरात्र में विशेष शुभफल प्रदान करता है। विश्वभर में प्रयागराज को तीर्थराज तो शक्तिपीठों में त्रिकुटा पर्वत स्थित वैष्णो देवी दरबार को सर्वोच्च शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है। वहीं शनिवार शाम छह बजे से शनि मंदिर नल्लेया में भगवती चौकी और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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