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Udhampur News: रात से सुबह होते रहे धमाके, बाजारों में दिखे कम लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक पाकिस्तान की ओर से वायु सेना और सैन्य शिविरों को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। लेकिन भारतीय सेना ने उन्हें विफल कर दिया। हालांकि धमाकों से पूरा शहर गूंजा रहा।
वहीं, लोगों में जोश बरकरार था। सुबह से लेकर शाम तक बाजार खुले रहे और जन जीवन रोजमर्रा की तरह सामान्य रहा। हालांकि बाजारों में चहल पहल कम ही देखने को मिली। इतना ही नहीं बाजार में खुली दुकानों में कई दुकानदारों द्वारा दुकान का शटर खोलकर सामान भी अंदर ही रखा गया था। बीती रात और सुबह में हुए धमाकों के चलते शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी कम ही लोग बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे। इतना ही नहीं बाजारों में चहल पहल न होने के चलते शहर के बीचों बीच चलने वाली यात्री मिनी बसें भी कम ही चलती नजर आई।
धमाकों की आवाज से गूंजता रहा शहर
शुक्रवा रात से अगली सुबह तक धमाकों की आवाज शहर में गूंजती रही। लोगाें का यही कहना था कि इस बार आर-पार की जंग होनी चाहिए। इतना ही नहीं कई लोग तो भारतीय सेना से पाकिस्तान को नक्शे से मिटाने की बात करते नजर आए। सुबह तड़के भी धमाकों की आवाजें रुक रुक कर आती रही। धमाकों की आवाज से गूंजने के बावजूद बाजार पूरी तरह से खुले रहे और जनजीवन पहले की तरह सामान्य रहा।
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सड़कों पर कम ही दिखे यात्री वाहन
जहां बाजारों में रौनक न के बराबर थी तो वहीं शहर के आसपास के क्षेत्रों में चलने वाले यात्री वाहन भी कम ही चलते दिखाई दिए। हालांकि सुबह से शाम तक इक्का दुक्का यात्री वाहन चलते रहे लेकिन उनमें भी यात्री कम ही बैठे हुए दिखाई दिए। जिसके चलते ज्यादातर यात्री वाहन चालकों ने अपने वाहनों को बंद करना ही सही समझा।
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उधमपुर। शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक पाकिस्तान की ओर से वायु सेना और सैन्य शिविरों को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। लेकिन भारतीय सेना ने उन्हें विफल कर दिया। हालांकि धमाकों से पूरा शहर गूंजा रहा।
वहीं, लोगों में जोश बरकरार था। सुबह से लेकर शाम तक बाजार खुले रहे और जन जीवन रोजमर्रा की तरह सामान्य रहा। हालांकि बाजारों में चहल पहल कम ही देखने को मिली। इतना ही नहीं बाजार में खुली दुकानों में कई दुकानदारों द्वारा दुकान का शटर खोलकर सामान भी अंदर ही रखा गया था। बीती रात और सुबह में हुए धमाकों के चलते शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी कम ही लोग बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे। इतना ही नहीं बाजारों में चहल पहल न होने के चलते शहर के बीचों बीच चलने वाली यात्री मिनी बसें भी कम ही चलती नजर आई।
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धमाकों की आवाज से गूंजता रहा शहर
शुक्रवा रात से अगली सुबह तक धमाकों की आवाज शहर में गूंजती रही। लोगाें का यही कहना था कि इस बार आर-पार की जंग होनी चाहिए। इतना ही नहीं कई लोग तो भारतीय सेना से पाकिस्तान को नक्शे से मिटाने की बात करते नजर आए। सुबह तड़के भी धमाकों की आवाजें रुक रुक कर आती रही। धमाकों की आवाज से गूंजने के बावजूद बाजार पूरी तरह से खुले रहे और जनजीवन पहले की तरह सामान्य रहा।
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सड़कों पर कम ही दिखे यात्री वाहन
जहां बाजारों में रौनक न के बराबर थी तो वहीं शहर के आसपास के क्षेत्रों में चलने वाले यात्री वाहन भी कम ही चलते दिखाई दिए। हालांकि सुबह से शाम तक इक्का दुक्का यात्री वाहन चलते रहे लेकिन उनमें भी यात्री कम ही बैठे हुए दिखाई दिए। जिसके चलते ज्यादातर यात्री वाहन चालकों ने अपने वाहनों को बंद करना ही सही समझा।