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Udhampur News: भगवान नरसिंह मंदिर में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे
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रामनगर। कस्बे के भगवान नृसिंह मंदिर में साप्ताहिक श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सोमवार को दूसरे दिन भी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ जारी रही। कथा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी और भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर कथा का श्रवण किया। कथा वाचन श्रीश्री 1008 दिव्यानंद पुरी (छपडकंडी) महाराज द्वारा किया गया।
कथा के दूसरे दिन सोमवार सुबह आठ बजे से दस बजे तक भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और परिवारों में शांति की कामना की। इसके बाद दोपहर दो बजे से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया गया। कथा वाचक दिव्यानंद पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत पुराण के महत्व और भगवान की भक्ति के संबंध में विस्तार से बताया।
महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मनुष्य को सत्य, धर्म, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य को अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालकर भगवान का स्मरण और धार्मिक कथाओं का श्रवण करना चाहिए। इससे मन को शांति मिलने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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कथा के दूसरे दिन सोमवार सुबह आठ बजे से दस बजे तक भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और परिवारों में शांति की कामना की। इसके बाद दोपहर दो बजे से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया गया। कथा वाचक दिव्यानंद पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत पुराण के महत्व और भगवान की भक्ति के संबंध में विस्तार से बताया।
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महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मनुष्य को सत्य, धर्म, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य को अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालकर भगवान का स्मरण और धार्मिक कथाओं का श्रवण करना चाहिए। इससे मन को शांति मिलने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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