{"_id":"6784ac47bfb566092f0e442d","slug":"z-morh-tunnel-life-on-a-beautiful-turn-from-today-z-morh-tunnel-is-not-just-a-path-it-is-also-the-door-t-2025-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Z-Morh tunnel: खूबसूरत 'मोड़' पर आज से जिंदगी, जेड मोड़ टनल सिर्फ एक रास्ता नहीं...हमारी तरक्की का द्वार भी है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Z-Morh tunnel: खूबसूरत 'मोड़' पर आज से जिंदगी, जेड मोड़ टनल सिर्फ एक रास्ता नहीं...हमारी तरक्की का द्वार भी है
Mon, 13 Jan 2025 11:31 AM IST
निकिता गुप्ता
रोली खन्ना अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
रोली खन्ना अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Mon, 13 Jan 2025 11:31 AM IST
सार
जेड मोड़ टनल के उद्घाटन से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, रोजगार और आवागमन में बड़े बदलाव होंगे, जिससे स्थानीय विकास और समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
जेड मोड़ टनल
- फोटो : बासित जरगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जेड मोड़ टनल सिर्फ एक सुरंग भर नहीं है। यह प्रदेश की तरक्की-खुशहाली का द्वार भी है। सोमवार से यह सुरंग आमजन के लिए खुल जाएगी। श्रीनगर से कारगिल-लेह का रास्ता अब पूरे साल खुला रहेगा। अमरनाथ यात्रा आसान होगी। सोनमर्ग में पूरे साल पर्यटक आ सकेंगे। यानी अब कहीं ज्यादा पर्यटक जम्मू-कश्मीर में आएंगे, जिससे रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
विज्ञापन
सबसे पहले बात पर्यटन की। पहले बर्फबारी के दौरान गगनगीर से सोनमर्ग जाने वाली सड़क पर आवागमन बंद हो जाता था। कई महीनों तक यह रास्ता बंद रहता। जेड मोड़ सुरंग बन जाने से अब सोनमर्ग कभी भी आ-जा सकते हैं। साफ है कि सोनमर्ग में पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटकों के आवागमन बढ़ने से ट्रांसपोर्ट व होटल इंडस्ट्री का कारोबार तो बढ़ेगा ही, स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, देशभर से अब कहीं ज्यादा श्रद्धालु अमरनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
विज्ञापन
आपके जिंदगी में ये बदलावफासला कम हुआ....दुश्वारियां भी कम होंगी
श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर जेड आकार में बनाई गई यह सुरंग 6.5 किमी लंबी है। इससे गगनगीर और सोनमर्ग के बीच फासला करीब 6 किमी घटा है। पहले जहां यह दूरी तय करने में एक घंटे का वक्त लगता था वह घटकर 15 मिनट रह जाएगा। यानी फासला घटने के साथ ही आवागमन में अब डीजल-पेट्रोल की खपत भी कम होगी। वहीं, रास्ता बंद होने से दो छोरों पर बसी आबादी की दुश्वारियां भी घटेंगी। वे सालभर आवागमन कर सकेंगे। रसद की आपूर्ति साल भर हो सकेगी। बेहतरचिकित्सा सुविधाएं भी लोगों को आसानी से मुहैया हो सकेंगी।विशेषज्ञ भी कर रहे हैं इसके फायदों की पुष्टि.......प्रो. आरएल भट, सेवानिवृत्त प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष जम्मू विश्वविद्यालय
विज्ञापन