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सोपोर एमसी पर आतंकी हमले की साजिश ओजीडब्ल्यू के घर पर रची गई
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श्रीनगर। सोपोर म्युनिसिपल कमेटी पर आतंकी हमले की साजिश पकड़े गए ओजीडब्ल्यू ओजीडब्ल्यू के घर पर रची गई थी। साजिश में स्थानीय लश्कर और एक पाकिस्तानी आतंकी शामिल है। यह बात जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार ने कही।
मंगलवार को लावेपोरा आतंकी हमले में शहीद कांस्टेबल जगन्नाथ रॉय को श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हुमहामा स्थित सीआरपीएफ के आरटीसी कैंप में श्रद्धांजलिके बाद उनका पार्थिव शरीर उनके गृहनगर पश्चिम बंगाल के जलपाई गुड़ी के लिए रवाना कर दिया गया।
समारोह के बाद आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि सोपोर म्युनिसिपल कमेटी चेयरमैन ने पुलिस को बैठक की जानकारी पहले नहीं दी थी इसलिए सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती वहां नहीं थी। उनके पास चार पीएसओ थे, जोकि हमले के समय अगर मुंहतोड़ जवाब देते तो दोनों आतंकी मारे जा सकते थे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में थोड़ी सी चूक हुई है और इसके लिए चारों को सस्पेंड कर दिया गया है। आईजीपी ने बताया कि हमले के बाद ही आशिक नाम के एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में ओजीडब्ल्यू ने बताया कि एक दिन पहले ही लश्कर का स्थानीय आतंकी मुदसिर पंडित और एक पाकिस्तानी आतंकी उसके घर आये और वहीं हमले की साजिश रची गई। श्रीनगर में बढ़ते आतंकी हमलों के सवाल पर आइजीपी ने कहा, हम भी अपने ऑपरेशंस में तेजी ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सुरक्षा बलों से तकनीकी गलतियां हुई हैं, उन्हें सुधारा जाएगा।
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दूसरे प्रदेशों की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराएं लोग
बाहरी राज्यों की गाड़ियों के आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किये जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आईजीपी ने कहा कि कुछ ऐसी गाड़ियां पुलिस द्वारा हाल ही में जब्त की गई हैं। इसमें लावेपोरा हमले में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आरटीओ कश्मीर ने उन सभी लोगों को 15 दिन का समय दिया गया है जिन्होंने गाड़ियां बाहरी राज्यों से खरीदी हैं और अपने नाम पर ट्रांसफर नहीं करवाई हैं।
बारामुला में पकड़े गए युवक आतंकियों की कब्र देखने जा रहे थे
बारामुला पुलिस द्वारा शोपियां के युवाओं की गिरफ्तारी को लेकर आईजीपी कश्मीर ने कहा कि जो शुरुआती तफ्तीश हुई है उसमें यह पता चला है कि वह उस कब्रिस्तान को देखने गए थे जहां आतंकियों को दफनाया जाता है, लेकिन मीडिया में खबर आई कि वह पाकिस्तान जा रहे थे, ऐसा कुछ नहीं है।
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मंगलवार को लावेपोरा आतंकी हमले में शहीद कांस्टेबल जगन्नाथ रॉय को श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हुमहामा स्थित सीआरपीएफ के आरटीसी कैंप में श्रद्धांजलिके बाद उनका पार्थिव शरीर उनके गृहनगर पश्चिम बंगाल के जलपाई गुड़ी के लिए रवाना कर दिया गया।
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समारोह के बाद आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि सोपोर म्युनिसिपल कमेटी चेयरमैन ने पुलिस को बैठक की जानकारी पहले नहीं दी थी इसलिए सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती वहां नहीं थी। उनके पास चार पीएसओ थे, जोकि हमले के समय अगर मुंहतोड़ जवाब देते तो दोनों आतंकी मारे जा सकते थे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में थोड़ी सी चूक हुई है और इसके लिए चारों को सस्पेंड कर दिया गया है। आईजीपी ने बताया कि हमले के बाद ही आशिक नाम के एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में ओजीडब्ल्यू ने बताया कि एक दिन पहले ही लश्कर का स्थानीय आतंकी मुदसिर पंडित और एक पाकिस्तानी आतंकी उसके घर आये और वहीं हमले की साजिश रची गई। श्रीनगर में बढ़ते आतंकी हमलों के सवाल पर आइजीपी ने कहा, हम भी अपने ऑपरेशंस में तेजी ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सुरक्षा बलों से तकनीकी गलतियां हुई हैं, उन्हें सुधारा जाएगा।
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दूसरे प्रदेशों की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराएं लोग
बाहरी राज्यों की गाड़ियों के आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किये जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आईजीपी ने कहा कि कुछ ऐसी गाड़ियां पुलिस द्वारा हाल ही में जब्त की गई हैं। इसमें लावेपोरा हमले में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आरटीओ कश्मीर ने उन सभी लोगों को 15 दिन का समय दिया गया है जिन्होंने गाड़ियां बाहरी राज्यों से खरीदी हैं और अपने नाम पर ट्रांसफर नहीं करवाई हैं।
बारामुला में पकड़े गए युवक आतंकियों की कब्र देखने जा रहे थे
बारामुला पुलिस द्वारा शोपियां के युवाओं की गिरफ्तारी को लेकर आईजीपी कश्मीर ने कहा कि जो शुरुआती तफ्तीश हुई है उसमें यह पता चला है कि वह उस कब्रिस्तान को देखने गए थे जहां आतंकियों को दफनाया जाता है, लेकिन मीडिया में खबर आई कि वह पाकिस्तान जा रहे थे, ऐसा कुछ नहीं है।