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Srinagar News: त्राल के शिकारगाह को पर्यटन नक्शे पर लाने के प्रयास जारी

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Srinagar, Tral Promote As Tourist Spot, Department Making Proposal
-हट्स को जल्द ही आउटसोर्स किया जाएगा, छोटी-मोटी मरम्मत की है योजना : पर्यटन विभाग
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर का त्राल इलाका जो कभी मुठभेड़ों और आतंकवादी गतिविधियों के लिए सुर्खियों में रहता था को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का मकसद है कि पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बढ़ाया जाए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।
विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शिकारगाह की हट्स को जल्द मरम्मत कर आउटसोर्स किया जाएगा। विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर टूरिज्म शेख इनायतुल्ला ने कहा कि हट्स का निर्माण जम्मू और कश्मीर केबल कार कॉर्पोरेशन ने किया था और उन्हें हाल ही में पर्यटन विभाग को सौंपा गया था। उन्होंने कहा कि इन संपत्तियों की देखरेख के लिए एक अधिकारी को पहले ही तैनात कर दिया गया है।
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विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए हैं कि बुनियादी ढांचे को जल्द ही चालू हो जाए। एक अधिकारी ने कहा, हमने साइट पर जरूरी छोटी-मोटी मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाने के लिए आरएंडबी विभाग को पहले ही लिख दिया है। जरूरी मरम्मत पूरी होने के बाद हट्स को आउटसोर्स किया जाएगा ताकि उनका ठीक से प्रबंधन किया जा सके और पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके।''''
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त्राल और उसके आस-पास के लोगों ने आरोप लगाया था कि करोड़ों रुपये की नई बनी हट्स मरम्मत की कमी के कारण छोड़ी हुई हैं और खराब हो रही हैं। सरकार ने पहले इस इलाके में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए त्राल में शिकारगाह को एक बड़े पिकनिक और इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर डेवलप करने के प्लान की घोषणा की थी। इस प्रस्ताव में त्राल को एक ट्रेकिंग रूट के जरिए मशहूर टूरिस्ट रिसॉर्ट पहलगाम से जोड़ना भी शामिल था। लेकिन अब लोगों को उम्मीद है कि इस पहल से स्थानीय लोगों में रोजगार बढ़ेगा।
लगभग 2,130 मीटर की ऊंचाई पर और श्रीनगर से लगभग 40 किलोमीटर दूर शिकारगाह अपने घने जंगलों, हरे-भरे घास के मैदानों और शानदार नज़ारों के लिए जाना जाता है। इस इलाके में हांगुल कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर भी है जो लुप्तप्राय कश्मीरी हिरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। ऐतिहासिक रूप से शिकारगाह का इसलिए भी महत्व है क्योंकि यह कभी महाराजा हरि सिंह की पसंदीदा शिकारगाह थी। टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को समर्थन करने के मकसद से 2011 में इस इलाके को औपचारिक रूप से आम लोगों के लिए खोल दिया गया था।

ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी
हालांकि हाल के सालों में इस इलाके में आने वाले आगंतुकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी है लेकिन वहां के लोगों का कहना है कि सही बुनियादी ढांचे के प्रबंधन की कमी ने शिकारगाह को अपनी पूरी टूरिज्म क्षमता का इस्तेमाल करने से रोक दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हट्स की मरम्मत और आउटसोर्सिंग करने के सरकार के फैसले से सुविधाओं को फिर से शुरू करने और इस जगह पर ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
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