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Srinagar News: क्लस्टर यूनिवर्सिटी श्रीनगर ने शुरू की पेपरलेस परीक्षा, पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
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श्रीनगर। डिजिटल बदलाव और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए क्लस्टर यूनिवर्सिटी ने गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन में सफलतापूर्वक पेपरलेस (कागज रहित) परीक्षा का पायलट प्रोजेक्ट आयोजित किया। जम्मू-कश्मीर के उच्च शिक्षण संस्थानों में परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली को आधुनिक बनाने के तहत यह पहल की गई है।
इस डिजिटल परीक्षा में बीएए द्वितीय सेमेस्टर के 40 चयनित छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा का मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को सुगम बनाना, प्रशासनिक कार्यभार कम करना, दक्षता बढ़ाना और कागज के इस्तेमाल को न्यूनतम करना है।
मॉक ड्रिल और शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण
वास्तविक परीक्षा से पहले छात्रों के लिए एक मॉक ड्रिल सत्र आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को डिजिटल इंटरफ़ेस, ऑनलाइन उत्तर लिखने और सबमिट करने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
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इसके साथ ही, डिजिटल मूल्यांकन (ई-मूल्यांकन) के लिए 10 शिक्षकों को विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रोफेसर सैयद शबाना शब्बीर, डॉ. शबीना, प्रोफेसर अब. गनी कुमार, प्रोफेसर बिल्कीस असलम, डॉ. शौकीन बिलाल गुल, प्रोफेसर मेहराज उद दीन और प्रोफेसर शाजिया सिराज शामिल रहे। शिक्षकों को डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, अंक दर्ज करने और निर्धारित नियमों के पालन का प्रशिक्षण दिया गया।
बिना किसी तकनीकी बाधा के संपन्न हुई परीक्षा
पूरी परीक्षा बिना किसी तकनीकी रुकावट के शांतिपूर्ण और सफल ढंग से संपन्न हुई। छात्रों और मूल्यांकनकर्ता शिक्षकों ने इस नई डिजिटल प्रणाली पर संतोष व्यक्त किया। इस सफल प्रयोग के बाद अब क्लस्टर यूनिवर्सिटी श्रीनगर इस पेपरलेस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से अपने अन्य संघटक कॉलेजों में भी लागू करने की योजना बना रही है।
परीक्षा का समन्वय गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन के परीक्षा समन्वयक प्रोफेसर सैयद अल्ताफ ने किया, जबकि क्लस्टर यूनिवर्सिटी श्रीनगर के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर खुर्शीद अहमद ने मुख्य समन्वयक के रूप में पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
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इस डिजिटल परीक्षा में बीएए द्वितीय सेमेस्टर के 40 चयनित छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा का मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को सुगम बनाना, प्रशासनिक कार्यभार कम करना, दक्षता बढ़ाना और कागज के इस्तेमाल को न्यूनतम करना है।
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मॉक ड्रिल और शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण
वास्तविक परीक्षा से पहले छात्रों के लिए एक मॉक ड्रिल सत्र आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को डिजिटल इंटरफ़ेस, ऑनलाइन उत्तर लिखने और सबमिट करने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
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इसके साथ ही, डिजिटल मूल्यांकन (ई-मूल्यांकन) के लिए 10 शिक्षकों को विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रोफेसर सैयद शबाना शब्बीर, डॉ. शबीना, प्रोफेसर अब. गनी कुमार, प्रोफेसर बिल्कीस असलम, डॉ. शौकीन बिलाल गुल, प्रोफेसर मेहराज उद दीन और प्रोफेसर शाजिया सिराज शामिल रहे। शिक्षकों को डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, अंक दर्ज करने और निर्धारित नियमों के पालन का प्रशिक्षण दिया गया।
बिना किसी तकनीकी बाधा के संपन्न हुई परीक्षा
पूरी परीक्षा बिना किसी तकनीकी रुकावट के शांतिपूर्ण और सफल ढंग से संपन्न हुई। छात्रों और मूल्यांकनकर्ता शिक्षकों ने इस नई डिजिटल प्रणाली पर संतोष व्यक्त किया। इस सफल प्रयोग के बाद अब क्लस्टर यूनिवर्सिटी श्रीनगर इस पेपरलेस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से अपने अन्य संघटक कॉलेजों में भी लागू करने की योजना बना रही है।
परीक्षा का समन्वय गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन के परीक्षा समन्वयक प्रोफेसर सैयद अल्ताफ ने किया, जबकि क्लस्टर यूनिवर्सिटी श्रीनगर के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर खुर्शीद अहमद ने मुख्य समन्वयक के रूप में पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।