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Srinagar News: भर्ती अभियान के बावजूद केयू में दर्जनों पद अब भी खाली
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आईटी एंड एसएस के डायरेक्टर का पद 13 और ईएमएमआरसी के डायरेक्टर का पद सात साल से खाली
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। हाल ही में कई पदों के लिए विज्ञापन देने के बावजूद कश्मीर यूनिवर्सिटी (केयू) में दर्जनों महत्वपूर्ण प्रशासनिक और तकनीकी पद खाली हैं। इससे संस्थान में प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि आईटी एंड एसएस के डायरेक्टर, ईएमएमआरसी के डायरेक्टर, डीआईक्यूए के डिप्टी डायरेक्टर और डीआईक्यूए में दो असिस्टेंट डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद सालों से खाली पड़े हैं। आईटी एंड एसएस के डायरेक्टर का पद लगभग 13 सालों से खाली है। 2014 से एक इन-चार्ज डायरेक्टर यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसी तरह ईएमएमआरसी के डायरेक्टर का पद लगभग सात सालों से खाली है जबकि एक इन-चार्ज अधिकारी पिछले छह सालों से कार्य संभाल रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सैटेलाइट कैंपस में तीन डिप्टी रजिस्ट्रार के पद भी खाली हैं जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यह कमी कंस्ट्रक्शन डिवीजन तक फैली हुई है जहां चार जूनियर इंजीनियर, दो वर्क सुपरवाइजर, दो इलेक्ट्रीशियन, एक मैकेनिक, दो लाइनमैन, एक हेड ड्राफ्ट्समैन और सात प्लंबर समेत कई पद खाली हैं। एक सीनियर प्रोफेसर ने कहा कि इस कमी से कंस्ट्रक्शन और रिपेयर के कामों की निगरानी कमजोर हो गई है। निगरानी की कमी के कारण ठेकेदार कभी-कभी सिविल और इलेक्ट्रिकल कामों में घटिया मटेरियल का इस्तेमाल करते हैं।
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क्लर्क स्टाफ की कमी का असर अन्य विभागों पर भी पड़ रहा है। अभी लगभग 90 जूनियर असिस्टेंट पद खाली हैं जिससे कुछ विभाग मुखियों को खुद ही क्लर्क का काम करना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि पिछले दो दशकों में नए डिपार्टमेंट्स और सैटेलाइट कैंपस के साथ संस्थान काफी बढ़ा है लेकिन स्टाफ की संख्या ज्यादातर वैसी ही रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो सालों में 300 से ज्यादा कर्मचारी रिटायर होने वाले हैं जिससे अगर समय पर भर्ती नहीं की गई तो यूनिवर्सिटी के कामकाज पर और दबाव पड़ सकता है।
चांसलर मनोज सिन्हा से दखल देने की अपील
उम्मीदवारों ने यूनिवर्सिटी के चांसलर मनोज सिन्हा से दखल देने और अधिकारियों को नॉन-टीचिंग और टेक्निकल पोस्ट के लिए भर्ती में तेजी लाने का निर्देश देने की अपील की है। उनका कहना है कि इन खाली पदों को भरने से प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और नौकरी ढूंढने वालों को मौके मिलेंगे। इसको लेकर कश्मीर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. नसीर इकबाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है। कुछ पदों के लिए विज्ञापन पहले ही दिए जा चुके हैं और अगले सप्ताह और खाली पदों के बारे में विज्ञापन दिए जाएंगे। कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद जो पोस्ट खाली होंगी, उन्हें भी भर दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि 2023 में विज्ञापित कुछ पोस्ट अभी अदालत में अटकी हुई हैं क्योंकि कुछ उम्मीदवारों को स्टे ऑर्डर मिल गए हैं लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन कानूनी मामलों को सुलझाने की कोशिश कर रहा है ताकि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। हाल ही में कई पदों के लिए विज्ञापन देने के बावजूद कश्मीर यूनिवर्सिटी (केयू) में दर्जनों महत्वपूर्ण प्रशासनिक और तकनीकी पद खाली हैं। इससे संस्थान में प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि आईटी एंड एसएस के डायरेक्टर, ईएमएमआरसी के डायरेक्टर, डीआईक्यूए के डिप्टी डायरेक्टर और डीआईक्यूए में दो असिस्टेंट डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद सालों से खाली पड़े हैं। आईटी एंड एसएस के डायरेक्टर का पद लगभग 13 सालों से खाली है। 2014 से एक इन-चार्ज डायरेक्टर यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसी तरह ईएमएमआरसी के डायरेक्टर का पद लगभग सात सालों से खाली है जबकि एक इन-चार्ज अधिकारी पिछले छह सालों से कार्य संभाल रहे हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि सैटेलाइट कैंपस में तीन डिप्टी रजिस्ट्रार के पद भी खाली हैं जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यह कमी कंस्ट्रक्शन डिवीजन तक फैली हुई है जहां चार जूनियर इंजीनियर, दो वर्क सुपरवाइजर, दो इलेक्ट्रीशियन, एक मैकेनिक, दो लाइनमैन, एक हेड ड्राफ्ट्समैन और सात प्लंबर समेत कई पद खाली हैं। एक सीनियर प्रोफेसर ने कहा कि इस कमी से कंस्ट्रक्शन और रिपेयर के कामों की निगरानी कमजोर हो गई है। निगरानी की कमी के कारण ठेकेदार कभी-कभी सिविल और इलेक्ट्रिकल कामों में घटिया मटेरियल का इस्तेमाल करते हैं।
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क्लर्क स्टाफ की कमी का असर अन्य विभागों पर भी पड़ रहा है। अभी लगभग 90 जूनियर असिस्टेंट पद खाली हैं जिससे कुछ विभाग मुखियों को खुद ही क्लर्क का काम करना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि पिछले दो दशकों में नए डिपार्टमेंट्स और सैटेलाइट कैंपस के साथ संस्थान काफी बढ़ा है लेकिन स्टाफ की संख्या ज्यादातर वैसी ही रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो सालों में 300 से ज्यादा कर्मचारी रिटायर होने वाले हैं जिससे अगर समय पर भर्ती नहीं की गई तो यूनिवर्सिटी के कामकाज पर और दबाव पड़ सकता है।
चांसलर मनोज सिन्हा से दखल देने की अपील
उम्मीदवारों ने यूनिवर्सिटी के चांसलर मनोज सिन्हा से दखल देने और अधिकारियों को नॉन-टीचिंग और टेक्निकल पोस्ट के लिए भर्ती में तेजी लाने का निर्देश देने की अपील की है। उनका कहना है कि इन खाली पदों को भरने से प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और नौकरी ढूंढने वालों को मौके मिलेंगे। इसको लेकर कश्मीर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. नसीर इकबाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है। कुछ पदों के लिए विज्ञापन पहले ही दिए जा चुके हैं और अगले सप्ताह और खाली पदों के बारे में विज्ञापन दिए जाएंगे। कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद जो पोस्ट खाली होंगी, उन्हें भी भर दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि 2023 में विज्ञापित कुछ पोस्ट अभी अदालत में अटकी हुई हैं क्योंकि कुछ उम्मीदवारों को स्टे ऑर्डर मिल गए हैं लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन कानूनी मामलों को सुलझाने की कोशिश कर रहा है ताकि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके।