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Srinagar News: धार्मिक सद्भाव के साद अदा की गई ईद-उल-फितर की नमाज
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Devotees offer eid prayers at Hazratbal shrine in Srinagar
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- श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं मिली, मीरवाइज को नजरबंद रखने का दावा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। श्रीनगर के पुराने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को छोड़कर पूरे कश्मीर में काफी संख्या में लोगों ने ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गई। कई जगहों पर ईदगाहों में विशेष सामूहिक नमाज अदा की गई। कई जगहों पर मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई।
सबसे बड़ी सामूहिक नमाज आसार-ए-शरीफ हजरतबल दरगाह में पढ़ी गई। यहां काफी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए पहुंचे। काफी संख्या में समुदाय के लोग सुबह से ही श्रीनगर की दस्त-ए-गीर साहिब, खानकाह मोहल्ला और सैयद याकूब शाह के अलावा घाटी की अन्य मस्जिदों पर पर विशेष नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा हुए। श्रीनगर में मस्जिदों और दरगाहों में मस्जिद जमीयत-ए-अहले हदीस गौकदल, आसार-ए-शरीफ जनाब साहिब सौवरा, आसार-ए-शरीफ शेहरी कैलाशपोरा, जियारत-ए-मखदूम साहिब (आरए) और खानकाह-ए-मौला में नमाज अदा की गई।
उत्तरी कश्मीर में जामिया मस्जिद बांदीपोरा, अहमशरीफ दरगाह बांदीपोरा, जामिया मस्जिद बारामुला, जामिया मस्जिद कुपवाड़ा, मस्जिद उल मुर्शिदीन खुशाल साहिब बुम्हामा, जामिया मस्जिद हंदवाड़ा और अन्य स्थानीय मस्जिदों में नमाज अदा की गई। दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग शहर की जामिया मस्जिद हनफिया, जामिया मस्जिद अहले हदीस, बैत-उल-मुकर्रम और रेहत-देड मस्जिद में नमाज अदा की गई। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के जियारत-ए-शरीफ खिरम कुंड, ऐशमुकम और बिजबेहरा इलाकों में भी नमाज अदा की गई।
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कुलगाम में मरकजी जामिया मस्जिद में नमाज अदा की गई। खानकाह त्राल, जामिया मस्जिद शोपियां और जामिया मस्जिद पुलवामा में भी सामूहिक नमाज अदा की गई। लोगों के अनुसार रमजान के पवित्र महीने के बाद आने वाले इस त्योहार को लेकर बच्चों समेत बड़ों में भी उत्साह होता है। लोगों के अनुसार उन्होंने जम्मू-कश्मीर के साथ साथ पूरे विश्व भर में शांति और अमन की दुआ की।
श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में नमाज की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही दावा किया गया कि मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को भी नजरबंद रखा गया। अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद की सामूहिक नमाज पर लगातार लगाई जा रही पाबंदियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लगातार सातवें साल भी घाटी के मुसलमानों को इबादत की सबसे पवित्र जगहों में से एक पर ईद की नमाज अदा करने से वंचित रखा गया है।
मीरवाइज ने एक्स पर किया पोस्ट
औकाफ ने इस स्थिति को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम लाखों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं और अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन करने के मौलिक अधिकार को कमजोर करते हैं। वहीं मीरवाइज-ए-कश्मीर डॉ. उमर फारूक ने एक्स पर एक पोस्ट में इन लगातार पाबंदियों पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, लगातार सातवें साल भी पाबंदियों और नजरबंदी के बीच जामिया मस्जिद में ईद की नमाज पर रोक जारी है। जश्न के इस दिन को मुसलमानों के लिए दुख और वंचना के दिन में बदल दिया गया है। यह हमारे समय का एक अजीब विरोधाभास है कि जो लोग हमारी मस्जिदों और ईदगाहों पर ताले लगाते हैं। वही सबसे पहले हमें ईद की मुबारकबाद देते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। श्रीनगर के पुराने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को छोड़कर पूरे कश्मीर में काफी संख्या में लोगों ने ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गई। कई जगहों पर ईदगाहों में विशेष सामूहिक नमाज अदा की गई। कई जगहों पर मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई।
सबसे बड़ी सामूहिक नमाज आसार-ए-शरीफ हजरतबल दरगाह में पढ़ी गई। यहां काफी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए पहुंचे। काफी संख्या में समुदाय के लोग सुबह से ही श्रीनगर की दस्त-ए-गीर साहिब, खानकाह मोहल्ला और सैयद याकूब शाह के अलावा घाटी की अन्य मस्जिदों पर पर विशेष नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा हुए। श्रीनगर में मस्जिदों और दरगाहों में मस्जिद जमीयत-ए-अहले हदीस गौकदल, आसार-ए-शरीफ जनाब साहिब सौवरा, आसार-ए-शरीफ शेहरी कैलाशपोरा, जियारत-ए-मखदूम साहिब (आरए) और खानकाह-ए-मौला में नमाज अदा की गई।
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उत्तरी कश्मीर में जामिया मस्जिद बांदीपोरा, अहमशरीफ दरगाह बांदीपोरा, जामिया मस्जिद बारामुला, जामिया मस्जिद कुपवाड़ा, मस्जिद उल मुर्शिदीन खुशाल साहिब बुम्हामा, जामिया मस्जिद हंदवाड़ा और अन्य स्थानीय मस्जिदों में नमाज अदा की गई। दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग शहर की जामिया मस्जिद हनफिया, जामिया मस्जिद अहले हदीस, बैत-उल-मुकर्रम और रेहत-देड मस्जिद में नमाज अदा की गई। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के जियारत-ए-शरीफ खिरम कुंड, ऐशमुकम और बिजबेहरा इलाकों में भी नमाज अदा की गई।
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श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में नमाज की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही दावा किया गया कि मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को भी नजरबंद रखा गया। अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद की सामूहिक नमाज पर लगातार लगाई जा रही पाबंदियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लगातार सातवें साल भी घाटी के मुसलमानों को इबादत की सबसे पवित्र जगहों में से एक पर ईद की नमाज अदा करने से वंचित रखा गया है।
मीरवाइज ने एक्स पर किया पोस्ट
औकाफ ने इस स्थिति को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम लाखों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं और अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन करने के मौलिक अधिकार को कमजोर करते हैं। वहीं मीरवाइज-ए-कश्मीर डॉ. उमर फारूक ने एक्स पर एक पोस्ट में इन लगातार पाबंदियों पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, लगातार सातवें साल भी पाबंदियों और नजरबंदी के बीच जामिया मस्जिद में ईद की नमाज पर रोक जारी है। जश्न के इस दिन को मुसलमानों के लिए दुख और वंचना के दिन में बदल दिया गया है। यह हमारे समय का एक अजीब विरोधाभास है कि जो लोग हमारी मस्जिदों और ईदगाहों पर ताले लगाते हैं। वही सबसे पहले हमें ईद की मुबारकबाद देते हैं।