{"_id":"69712c8889199fb6f50058f3","slug":"srinagar-chhanpora-phc-demand-for-upgradation-sub-district-hospital-srinagar-news-c-10-jmu1052-817285-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: छानपोरा पीएचसी में इमारत और उपकरण मौजूद, लोग बोले जल्द हो अपग्रेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: छानपोरा पीएचसी में इमारत और उपकरण मौजूद, लोग बोले जल्द हो अपग्रेड
विज्ञापन
- 15 साल से चल रहा है प्राइमरी हेल्थ सेंटर, लोग कर रहे हैं इसे सब-डिविजनल अस्पताल बनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) छानपोरा को सब-डिविजनल अस्पताल बनाने की मांग तेज हा गई है। लोगों का कहना है कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होने के बावजूद प्राइमरी हेल्थ सेंटर छानपोरा को पिछले 15 सालों से अपग्रेड नहीं किया गया है। लोगों को असुविधा हो रही है। इसे जल्द से जल्द अपग्रेड किया जाए।
पीएचसी छानपोरा में 50 बेड की क्षमता है और इसमें दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, दो बड़े ऑक्सीजन प्लांट, एक एक्स-रे यूनिट, यूएसजी, लिफ्ट सेवाएं, बिना रुकावट बिजली सप्लाई और अन्य जरूरी मेडिकल सुविधाएं हैं। इस सुविधा के लिए करीब 23 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस बड़े निवेश के बावजूद, अस्पताल अभी भी 24 घंटे काम नहीं कर रहा है जिससे लोग निराश हैं।
स्थानीय निवासियों ने कहा कि अगर अस्पताल को अपग्रेड करने और उसे पूरी तरह से चालू करने का कोई इरादा नहीं था तो इतनी बड़ी मात्रा में सार्वजनिक पैसा उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर क्यों खर्च किया गया। पिछले साल स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने संबंधित विधायक छानपोरा के साथ अस्पताल का दौरा किया था और जनता को आश्वासन दिया था कि इसे अपग्रेड किया जाएगा। दुर्भाग्य से इन आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विज्ञापन
पीएचसी छानपोरा के सीमित कामकाज के कारण मरीज एसएमएचएस अस्पताल और लाल देद जैसे बड़े अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हैं। जिससे इन टर्शियरी हेल्थकेयर संस्थानों पर बोझ बढ़ रहा है। लोगों का मानना है कि पीएचसी चनापोरा को 24 घंटे चालू करने से बड़े अस्पतालों पर दबाव काफी कम होगा और बाग-ए-मेहताब, चनापोरा, रामबाग, नटीपोरा, सनत नगर, रावलपोरा, मेहजूर नगर और आसपास के इलाकों के लोगों को राहत मिलेगी।
लोगों ने उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायक छानपोरा और स्वास्थ्य सेवा निदेशक से तुरंत हस्तक्षेप करने और पीएचसी छानपोरा को सब-डिविजनल अस्पताल का दर्जा देने की पुरजोर अपील की है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) छानपोरा को सब-डिविजनल अस्पताल बनाने की मांग तेज हा गई है। लोगों का कहना है कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होने के बावजूद प्राइमरी हेल्थ सेंटर छानपोरा को पिछले 15 सालों से अपग्रेड नहीं किया गया है। लोगों को असुविधा हो रही है। इसे जल्द से जल्द अपग्रेड किया जाए।
पीएचसी छानपोरा में 50 बेड की क्षमता है और इसमें दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, दो बड़े ऑक्सीजन प्लांट, एक एक्स-रे यूनिट, यूएसजी, लिफ्ट सेवाएं, बिना रुकावट बिजली सप्लाई और अन्य जरूरी मेडिकल सुविधाएं हैं। इस सुविधा के लिए करीब 23 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस बड़े निवेश के बावजूद, अस्पताल अभी भी 24 घंटे काम नहीं कर रहा है जिससे लोग निराश हैं।
विज्ञापन
स्थानीय निवासियों ने कहा कि अगर अस्पताल को अपग्रेड करने और उसे पूरी तरह से चालू करने का कोई इरादा नहीं था तो इतनी बड़ी मात्रा में सार्वजनिक पैसा उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर क्यों खर्च किया गया। पिछले साल स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने संबंधित विधायक छानपोरा के साथ अस्पताल का दौरा किया था और जनता को आश्वासन दिया था कि इसे अपग्रेड किया जाएगा। दुर्भाग्य से इन आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विज्ञापन
पीएचसी छानपोरा के सीमित कामकाज के कारण मरीज एसएमएचएस अस्पताल और लाल देद जैसे बड़े अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हैं। जिससे इन टर्शियरी हेल्थकेयर संस्थानों पर बोझ बढ़ रहा है। लोगों का मानना है कि पीएचसी चनापोरा को 24 घंटे चालू करने से बड़े अस्पतालों पर दबाव काफी कम होगा और बाग-ए-मेहताब, चनापोरा, रामबाग, नटीपोरा, सनत नगर, रावलपोरा, मेहजूर नगर और आसपास के इलाकों के लोगों को राहत मिलेगी।
लोगों ने उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायक छानपोरा और स्वास्थ्य सेवा निदेशक से तुरंत हस्तक्षेप करने और पीएचसी छानपोरा को सब-डिविजनल अस्पताल का दर्जा देने की पुरजोर अपील की है।