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जम्मू-कश्मीर: यूसीसी पर उमर अब्दुल्ला का भाजपा को सीधा चैलेंज, बोले- नंबर हैं तो संसद में लाएं बिल

Tue, 15 Sep 2026 02:16 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Tue, 15 Sep 2026 02:16 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यूसीसी को लेकर भाजपा को चुनौती दी कि अगर उसके पास बहुमत है तो विधेयक संसद में लाकर पारित कराए, राज्यों के जरिए लागू करने की कोशिश न करे।

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Bring UCC Bill in Parliament if you have numbers
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला - फोटो : ANI

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के पास संसद में इसे पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या है तो उसे विधेयक संसद में लाना चाहिए, अलग-अलग राज्यों के जरिए इसे लागू करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

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पिछले दरवाजे से यूसीसी लाने की कोशिश न हो
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यूसीसी जैसा कानून पूरे देश के लिए होना चाहिए और इसे अलग-अलग राज्यों में लागू करने के बजाय संसद के माध्यम से तय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा को इसे पिछले दरवाजे से लागू करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के अपने एनडीए गठबंधन में भी सभी दल यूसीसी के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि खबरों के मुताबिक जनता दल (यूनाइटेड) ने भी वहां यूसीसी लागू करने पर असहमति जताई है।

सिर्फ भाजपा शासित राज्यों में लागू हुआ तो सार्वभौमिक नहीं
उमर ने कहा कि देश के सभी राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है। ऐसे में अगर यूसीसी केवल भाजपा शासित राज्यों में लागू किया जाता है तो इसे समान या सार्वभौमिक कानून नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दे पर फैसला पूरे देश के स्तर पर होना चाहिए और पूरे देश का प्रतिनिधित्व संसद करती है।

वन नेशन, वन इलेक्शन पर भी नहीं लाया विधेयक
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा जिन महत्वपूर्ण कानूनों की लंबे समय से चर्चा करती रही है, उनमें से कुछ को संसद में नहीं लाई गई। उन्होंने वन नेशन, वन इलेक्शन और आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि अब यूसीसी को भी राज्यों के जरिए लागू करने की बात की जा रही है।

एलएसी पर तनाव कम होने का किया स्वागत
भारत-चीन सीमा पर एलएसी के साथ तनाव कम होने को लेकर उमर अब्दुल्ला ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि एलओसी या एलएसी पर तनाव कम होना उन लोगों के लिए राहत की बात है, जो इन इलाकों के करीब रहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि समय के साथ एलओसी पर भी हालात बेहतर होंगे।

विदेश नीति पर दूसरे देशों की राय को ज्यादा महत्व न देने की बात
चीन की ओर से भारत की विदेश नीति की सराहना किए जाने पर उमर ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा स्वतंत्र रही है और देश को इसके लिए दूसरे देशों से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में कोई देश भारत की विदेश नीति की आलोचना करे तो उस स्थिति में भी उसी रुख को अपनाना चाहिए।

ब्रिक्स में पहलगाम हमले की निंदा को बताया बड़ी उपलब्धि
उमर अब्दुल्ला ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा को भारत की विदेश नीति की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कई सहयोगी देशों की मौजूदगी के बावजूद सम्मेलन में पहलगाम हमले का नाम लेकर निंदा किया जाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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