{"_id":"699a998ceb6acf5d5f0af1cf","slug":"rahul-sharma-instructed-to-provide-training-to-blos-and-blas-before-sir-2026-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Leh: लद्दाख में चुनावी तैयारियों की समीक्षा, 'एसआईआर के लिए बीएलओ व बीएलए को दें प्रशिक्षण', राहुल शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Leh: लद्दाख में चुनावी तैयारियों की समीक्षा, 'एसआईआर के लिए बीएलओ व बीएलए को दें प्रशिक्षण', राहुल शर्मा
Sun, 22 Feb 2026 11:22 AM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, लेह
अमर उजाला नेटवर्क, लेह
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:22 AM IST
सार
लद्दाख के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राहुल शर्मा ने आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले मतदाता सूची अद्यतन और सत्यापन के लिए बीएलओ और बीएलए को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारियों की समीक्षा करते सीईओ।
- फोटो : सूचना विभाग
विस्तार
लद्दाख के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) राहुल शर्मा ने आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों के संशोधन की तैयारियों की शनिवार को समीक्षा की। उन्होंने बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) और बूथ स्तर एजेंटों (बीएलए) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि यह पुनरीक्षण अभ्यास अप्रैल से शुरू होना प्रस्तावित है। इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग ने हाल ही में निर्देश जारी किए हैं। शनिवार को हुई बैठक में लेह और कारगिल के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी तथा दोनों जिलों के उप निर्वाचन अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान पुनरीक्षण प्रक्रिया के सुचारु संचालन हेतु प्रशासनिक तैयारियों और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।
विज्ञापन
सीईओ ने लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए तथा एसआईआर प्रक्रिया के दौरान संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक आकस्मिक योजना तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने जमीनी स्तर पर मतदाता सूची के अद्यतन और सत्यापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बीएलओ और बीएलए को प्रशिक्षण देने के लिए कहा।
विज्ञापन
सीईओ ने व्यापक जनसंपर्क एवं जनजागरूकता अभियानों के महत्व को भी रेखांकित किया। विशेष रूप से ईसीआई नेट और बुक अ कॉल टू बीएलओ सुविधा के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जिससे मतदाताओं को निर्वाचन सेवाओं तक अधिक सुविधा और पहुंच सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे जिला, तहसील और मतदान केंद्र स्तर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें।