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सम्मान समारोह: मेधावियों की सफलता में अभिभावक भी सारथी, सम्मानित होने पर बोले- बच्चों ने करवाया गौरवान्वित
Mon, 21 Aug 2023 08:10 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाल नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाल नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 21 Aug 2023 08:10 AM IST
सार
अभिभावकों ने कहा कि हमारे बच्चों ने परिश्रम से गौरवान्वित किया है, यह पल न सिर्फ उनके बल्कि हमारे जीवन में भी अहम पलों में शामिल हुआ है।
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अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेधावियों की सफलता में उनकी मेहनत है ही, लेकिन बिना अभिभावकों के त्याग और समर्पण के इतनी बड़ी सफलता हासिल करना मुमकिन नहीं था। बोर्ड परीक्षाओं के अहम समय में अभिभावकों ने न सिर्फ बच्चों को नियमित पढ़ाई करवाई, बल्कि उन्हें तनावपूर्ण माहौल दिया, जिससे उन्होंने परिश्रम को अच्छे परिणाम में तबदील कर दिया। मेधावी छात्र सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी कामयाबी का श्रेय जितना शिक्षकों को दिया उतनी ही अभिभावकों को दिया। वहीं, अभिभावकों ने कहा कि हमारे बच्चों ने परिश्रम से गौरवान्वित किया है, यह पल न सिर्फ उनके बल्कि हमारे जीवन में भी अहम पलों में शामिल हुआ है।
बेटी की सफलता ने पूरे गांव को किया गौरवान्वित
बांदीपोरा की उमेदा आशम ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा 98 प्रतिशत अंक से पास की है। चाचा गुलाम नबी भट ने बताया की बेटी ने अपने परिश्रम से पूरे गांव को गौरवान्वित किया है। एलजी सर से पुरस्कार मिलना बड़ी बात है। बच्ची को हमेशा नियमित पढ़ने के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी उसकी भागीदारी सुनिश्चित करवाई। कश्मीर में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। हर क्षेत्र में अपना नाम कमा रही हैं। उमेदा को मिला पुरस्कार अन्य बच्चों को भी प्रेरित करेगा।
पढ़ाई को लेकर बेटी हमेशा रहती थी समर्पित
गांदरबल की सिमरण राशिद ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98.5 प्रतिशत अंक हासिल किए। सिमरण ने कहा कि मेरे सफर में माता-पिता का बड़ा योगदान रहा है। कार्यक्रम में पहुंचे पिता एबी राशिद ने कहा, पढ़ाई को लेकर बेटी की प्रतिबद्धता ने हमेशा मुझे उसके लिए बेहतर करने को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा जैसे अब बेटियों को भी बेटों जैसे सामान अवसर मिल रहें है, उससे उनको सफलता मिलनी तय है।
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बेटी को सम्मान मिलने से पूरा परिवार खुश
अनंतनाग की फोजिया फैयाज सम्मानित होकर उत्साहित थीं। उनके पिता फैयाज अहमद भट बेटी के इन खुशी के पलों को अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे। फोजिया ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 490 अंक हासिल किए हैं। पिता ने कहा कि एलजी से बेटी को सम्मान मिलने की खबर से पूरा परिवार खुश था। अनंतनाग से सुबह सात बजे श्रीनगर के लिए आए थे। बेटी को सम्मानित होते देखे सीना गर्व से चौड़ा हो गया। बेटी की पढ़ाई में किसी तरह की कमी नहीं आने दूंगा, उसे बेटे की तरह हर वह सुविधा मिले, जिसकी हकदार है।
बेटियां आगे बढ़कर गाड़ रहीं सफलता के झंडे
अनंतनाग की अंजुमन लतीफ ने दसवीं की परीक्षा 492 अंक के साथ पास की है। पिता मो. लतीफ भट बेटी के साथ कार्यक्रम के आए थे। उन्होंने कहा कि कभी सोचा नहीं था, बेटी को इतना बड़ा सम्मान मिलेगा। उसकी मेहनत आज उसे यहां तक खींच लाई है। परीक्षा के समय बेटी ने कड़ा परिश्रम किया। अभिभावक के तौर पर मैंने हर वह सुविधा उसे दी जो उसकी पढ़ाई के लिए जरूरी थी। बेटियां अब आगे बढ़ रही हैं और सफलता के झंडे गाड़ रही हैं।
घर के कामों में बेटी उलझे न, इसलिए उसे कामकाज से दूर रखा
कुलगाम से आई मिसबा आयुब ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 488 अंक हासिल किए है। वह अपनी मां के साथ कार्यक्रम में पहुंची थीं। मां साफिया ने कहा कि घर के कामकाज का असर बेटी की पढ़ाई न पड़े इसके लिए उसे इससे दूर ही रखा। स्कूल से आने के बाद वह खुद तय करती की कब तक पढ़ाई करनी है। उसे हमेशा पढ़ाई और कामकाज के दबाव से दूर रखा। एलजी के हाथों से सम्मानित होने की खुशी शायद उससे ज्यादा मुझे होगी।
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बेटी की सफलता ने पूरे गांव को किया गौरवान्वित
बांदीपोरा की उमेदा आशम ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा 98 प्रतिशत अंक से पास की है। चाचा गुलाम नबी भट ने बताया की बेटी ने अपने परिश्रम से पूरे गांव को गौरवान्वित किया है। एलजी सर से पुरस्कार मिलना बड़ी बात है। बच्ची को हमेशा नियमित पढ़ने के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी उसकी भागीदारी सुनिश्चित करवाई। कश्मीर में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। हर क्षेत्र में अपना नाम कमा रही हैं। उमेदा को मिला पुरस्कार अन्य बच्चों को भी प्रेरित करेगा।
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पढ़ाई को लेकर बेटी हमेशा रहती थी समर्पित
गांदरबल की सिमरण राशिद ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98.5 प्रतिशत अंक हासिल किए। सिमरण ने कहा कि मेरे सफर में माता-पिता का बड़ा योगदान रहा है। कार्यक्रम में पहुंचे पिता एबी राशिद ने कहा, पढ़ाई को लेकर बेटी की प्रतिबद्धता ने हमेशा मुझे उसके लिए बेहतर करने को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा जैसे अब बेटियों को भी बेटों जैसे सामान अवसर मिल रहें है, उससे उनको सफलता मिलनी तय है।
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बेटी को सम्मान मिलने से पूरा परिवार खुश
अनंतनाग की फोजिया फैयाज सम्मानित होकर उत्साहित थीं। उनके पिता फैयाज अहमद भट बेटी के इन खुशी के पलों को अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे। फोजिया ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 490 अंक हासिल किए हैं। पिता ने कहा कि एलजी से बेटी को सम्मान मिलने की खबर से पूरा परिवार खुश था। अनंतनाग से सुबह सात बजे श्रीनगर के लिए आए थे। बेटी को सम्मानित होते देखे सीना गर्व से चौड़ा हो गया। बेटी की पढ़ाई में किसी तरह की कमी नहीं आने दूंगा, उसे बेटे की तरह हर वह सुविधा मिले, जिसकी हकदार है।
बेटियां आगे बढ़कर गाड़ रहीं सफलता के झंडे
अनंतनाग की अंजुमन लतीफ ने दसवीं की परीक्षा 492 अंक के साथ पास की है। पिता मो. लतीफ भट बेटी के साथ कार्यक्रम के आए थे। उन्होंने कहा कि कभी सोचा नहीं था, बेटी को इतना बड़ा सम्मान मिलेगा। उसकी मेहनत आज उसे यहां तक खींच लाई है। परीक्षा के समय बेटी ने कड़ा परिश्रम किया। अभिभावक के तौर पर मैंने हर वह सुविधा उसे दी जो उसकी पढ़ाई के लिए जरूरी थी। बेटियां अब आगे बढ़ रही हैं और सफलता के झंडे गाड़ रही हैं।
घर के कामों में बेटी उलझे न, इसलिए उसे कामकाज से दूर रखा
कुलगाम से आई मिसबा आयुब ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 488 अंक हासिल किए है। वह अपनी मां के साथ कार्यक्रम में पहुंची थीं। मां साफिया ने कहा कि घर के कामकाज का असर बेटी की पढ़ाई न पड़े इसके लिए उसे इससे दूर ही रखा। स्कूल से आने के बाद वह खुद तय करती की कब तक पढ़ाई करनी है। उसे हमेशा पढ़ाई और कामकाज के दबाव से दूर रखा। एलजी के हाथों से सम्मानित होने की खुशी शायद उससे ज्यादा मुझे होगी।