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देश मजबूत होगा तो युवा पीढ़ी तरक्की करेगी : सिन्हा
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कश्मीर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री। स्रोत राजभवन
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उपराज्यपाल ने उद्योग और बुद्धि को एक साथ बढ़ने का मंत्र दिया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को कहा कि सबसे पहली प्राथमिकता देश होना चाहिए। जब आप देश बनाते हैं तो देश आपको वापस बनाता है। जब देश आगे बढ़ता है तो आप भी आगे बढ़ते हैं। जब देश मजबूत होगा तो युवा तरक्की करेंगे।
यहां कश्मीर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में एलजी ने कहा, मेरा मंत्र है कि उद्योग और बुद्धि को एक साथ बढ़ना चाहिए। हमारी यूनिवर्सिटियों को उद्योग, नवप्रवर्तकों, अनुसंधान और विकास संगठनों के साथ मिलकर विकसित भारत बनाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हायर एजुकेशन कैंपस और कंपनियां मिलकर भविष्य बनाएं। उन्होंने आगे कहा, बदलते हालात के हिसाब से ढलने की क्षमता होनी चाहिए। असफलता को सजा नहीं बल्कि सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानना चाहिए। हमें टेक्नोलॉजी पर निर्भर नहीं रहना है बल्कि इसे एक टूल की तरह इस्तेमाल करना है।
सिन्हा ने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाना यह सिर्फ एक सपना नहीं है बल्कि असलियत पर आधारित एक लक्ष्य है। इसके लिए लगातार कोशिशों की जरूरत होगी। सवाल यह है कि टेक्नोलॉजी मुनाफा का जरिया बनेगी या इंसानियत के विकास का। शिक्षा का मकसद सिर्फ रोज़ी-रोटी कमाना नहीं है।
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बदलाव का एक ताकतवर जरिया है शिक्षा
एलजी ने कहा कि शिक्षा कोई खास अधिकार नहीं बल्कि बदलाव का एक ताकतवर जरिया है। डिजिटल क्रांति ने छात्रों की जिदंगी बदल दी है क्योंकि दुनिया सिकुड़ रही है और मौके बहुत ज्यादा हो गए हैं। चुनौतियां भी हैं। आज जिसकी डिमांड है वह कल बेकार हो सकती है। हालात के हिसाब से बदलने की जरूरत है। जिंदा रहने और बदलावों के हिसाब से ढलने के लिए जिंदगी भर सीखने की इच्छा की जरूरत होगी।
महिलाएं नए मानक तय कर रहीं
एलजी ने कहा, मुझे खुशी है कि 239 गोल्ड मेडल में से 186 लड़कियों ने जीते हैं। 164 पीएचडी में से 108 लड़कियों को मिली हैं। यह कोई आम आंकड़ा नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि महिलाएं न सिर्फ हिस्सा ले रही हैं बल्कि बेहतरीन काम कर रही हैं, वे नए मानक तय कर रही हैं। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सशक्तीकरण पर जोर दे रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को कहा कि सबसे पहली प्राथमिकता देश होना चाहिए। जब आप देश बनाते हैं तो देश आपको वापस बनाता है। जब देश आगे बढ़ता है तो आप भी आगे बढ़ते हैं। जब देश मजबूत होगा तो युवा तरक्की करेंगे।
यहां कश्मीर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में एलजी ने कहा, मेरा मंत्र है कि उद्योग और बुद्धि को एक साथ बढ़ना चाहिए। हमारी यूनिवर्सिटियों को उद्योग, नवप्रवर्तकों, अनुसंधान और विकास संगठनों के साथ मिलकर विकसित भारत बनाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हायर एजुकेशन कैंपस और कंपनियां मिलकर भविष्य बनाएं। उन्होंने आगे कहा, बदलते हालात के हिसाब से ढलने की क्षमता होनी चाहिए। असफलता को सजा नहीं बल्कि सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानना चाहिए। हमें टेक्नोलॉजी पर निर्भर नहीं रहना है बल्कि इसे एक टूल की तरह इस्तेमाल करना है।
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सिन्हा ने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाना यह सिर्फ एक सपना नहीं है बल्कि असलियत पर आधारित एक लक्ष्य है। इसके लिए लगातार कोशिशों की जरूरत होगी। सवाल यह है कि टेक्नोलॉजी मुनाफा का जरिया बनेगी या इंसानियत के विकास का। शिक्षा का मकसद सिर्फ रोज़ी-रोटी कमाना नहीं है।
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बदलाव का एक ताकतवर जरिया है शिक्षा
एलजी ने कहा कि शिक्षा कोई खास अधिकार नहीं बल्कि बदलाव का एक ताकतवर जरिया है। डिजिटल क्रांति ने छात्रों की जिदंगी बदल दी है क्योंकि दुनिया सिकुड़ रही है और मौके बहुत ज्यादा हो गए हैं। चुनौतियां भी हैं। आज जिसकी डिमांड है वह कल बेकार हो सकती है। हालात के हिसाब से बदलने की जरूरत है। जिंदा रहने और बदलावों के हिसाब से ढलने के लिए जिंदगी भर सीखने की इच्छा की जरूरत होगी।
महिलाएं नए मानक तय कर रहीं
एलजी ने कहा, मुझे खुशी है कि 239 गोल्ड मेडल में से 186 लड़कियों ने जीते हैं। 164 पीएचडी में से 108 लड़कियों को मिली हैं। यह कोई आम आंकड़ा नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि महिलाएं न सिर्फ हिस्सा ले रही हैं बल्कि बेहतरीन काम कर रही हैं, वे नए मानक तय कर रही हैं। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सशक्तीकरण पर जोर दे रहे हैं।