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Srinagar News: शांति स्तूपा में ‘अर्थ आवर’, जलवायु संरक्षण के लिए लद्दाख एकजुट
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शांति स्तूपा में कार्यक्रम पेश करते बच्चे। स्रोत : सोशल मीडिया
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। प्रतिष्ठित शांति स्तूपा में रविवार को ‘अर्थ आवर 2026’ का आयोजन व्यापक भागीदारी के साथ किया गया। इसमें सरकारी प्रतिनिधियों, पर्यावरणविदों, शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में जलवायु संरक्षण के लिए लद्दाख एकजुट नजर आया।
यह कार्यक्रम डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के वेस्टर्न हिमालय संरक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया जिसमें सरकारी संस्थानों, सिविल सोसायटी, मठों और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ईशे तुंडुप, त्सेवांग नामग्याल और एजाज हुसैन सहित कई प्रमुख लोगों ने भाग लिया जबकि जनप्रतिनिधियों में कोन्चोक स्टैंजिन और स्टैंजिन लाक्पा भी मौजूद रहे।
इस दौरान छात्रों की ओर से प्रस्तुत नाटक, पेंटिंग प्रदर्शनी और जागरूकता गतिविधियों ने पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भागीदारी को उजागर किया। वक्ताओं ने ग्लेशियरों, जल संसाधनों और जैव विविधता पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक शांति स्तूपा की लाइटें प्रतीकात्मक रूप से बंद कर ‘अर्थ आवर’ मनाने के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि यह पहल अब एक मजबूत जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है जो पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाती है।
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लेह। प्रतिष्ठित शांति स्तूपा में रविवार को ‘अर्थ आवर 2026’ का आयोजन व्यापक भागीदारी के साथ किया गया। इसमें सरकारी प्रतिनिधियों, पर्यावरणविदों, शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में जलवायु संरक्षण के लिए लद्दाख एकजुट नजर आया।
यह कार्यक्रम डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के वेस्टर्न हिमालय संरक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया जिसमें सरकारी संस्थानों, सिविल सोसायटी, मठों और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ईशे तुंडुप, त्सेवांग नामग्याल और एजाज हुसैन सहित कई प्रमुख लोगों ने भाग लिया जबकि जनप्रतिनिधियों में कोन्चोक स्टैंजिन और स्टैंजिन लाक्पा भी मौजूद रहे।
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इस दौरान छात्रों की ओर से प्रस्तुत नाटक, पेंटिंग प्रदर्शनी और जागरूकता गतिविधियों ने पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भागीदारी को उजागर किया। वक्ताओं ने ग्लेशियरों, जल संसाधनों और जैव विविधता पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक शांति स्तूपा की लाइटें प्रतीकात्मक रूप से बंद कर ‘अर्थ आवर’ मनाने के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि यह पहल अब एक मजबूत जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है जो पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाती है।
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