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जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती का न्यायपालिका पर बड़ा आरोप, बोलीं- 'अदालत में कुछ और, फैसले में कुछ और'
Tue, 06 Oct 2026 03:30 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: Nikita Gupta
Updated Tue, 06 Oct 2026 03:30 PM IST
सार
महबूबा मुफ्ती ने एसाइआर के संशोधित फॉर्म-6 पर सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अदालत में सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियों और अंतिम फैसलों में अक्सर अंतर दिखाई देता है।
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती
विस्तार
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में न्यायपालिका ने कई ऐसे मामलों को सामान्य बना दिया है जिन्हें अदालत की अवमानना की श्रेणी में रखा जा सकता है।
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महबूबा ने यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की उस टिप्पणी के बाद की जिसमें उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसाइआर) के लिए निर्वाचन आयोग के संशोधित फॉर्म-6 को मंजूरी नहीं दी है।
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महबूबा ने सोशल मीडिया पर कहा कि अदालत में सुनवाई के दौरान कई बार बड़ी और महत्वपूर्ण टिप्पणियां की जाती हैं, लेकिन जब फैसला सुनाने का समय आता है तो उसका नतीजा उन टिप्पणियों से अलग दिखाई देता है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में न्यायपालिका ने अदालत की अवमानना से जुड़े कृत्यों को बार-बार सामान्य मान लिया और मामला आगे बढ़ता रहा।