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शब्बीर शाह की JKDFP बैन: तिहाड़ जेल में बंद है अलगाववादी नेता, इस्लामी राज्य बनाना था मकसद

Fri, 06 Oct 2023 12:33 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Fri, 06 Oct 2023 12:33 PM IST
सार

शब्बीर शाह ने कश्मीर को विवादित बताया था और भारत के संविधान के ढांचे के भीतर किसी भी समाधान से इन्कार किया था। उसकी पार्टी के सदस्य एक अलग इस्लामी राज्य बनाने के इरादे से अलगाववादी गतिविधियों में सबसे आगे रहे हैं।

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Jammu Kashmir: separatist leader Shabbir Shah party JKDFP banned Shah lodged in Tihar jail
शब्बीर शाह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्र सरकार ने अलगाववादियों पर और शिकंजा कसा है। जेल में बंद अलगाववादी शब्बीर अहमद शाह की जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (जेकेडीएफपी) पर पांच साल के लिए गुरुवार को प्रतिबंध लगा दिया। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह कार्रवाई भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक गतिविधियों के लिए की गई।

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प्रतिबंध का आदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दिया गया। जम्मू-कश्मीर के प्रमुख अलगाववादी नेता शाह ने 1998 में जेकेडीएफपी का गठन किया था। यह अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का एक घटक था। 2003 में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के विभाजन के बाद जेकेडीएफपी सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व वाले कट्टरपंथी गुट का हिस्सा बन गया था। शब्बीर शाह अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद है। 
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शब्बीर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2005 के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 25 जुलाई, 2017 को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी फंडिंग मामले में भी आरोपपत्र दायर किया है। पिछले साल नवंबर में ईडी ने केंद्रशासित प्रदेश में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में उसके श्रीनगर स्थित घर को कुर्क कर लिया था।
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पाकिस्तान समर्थक प्रोपेंगेंडा के लिए हुआ था गठन

गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव प्रवीण वशिष्ठ ने कहा कि शब्बीर शाह ने जेकेडीएफपी का गठन भारत विरोध और पाकिस्तान समर्थक प्रोपेंगेंडा के लिए किया था। केंद्र सरकार का दृढ़ मत है कि जेकेडीएफपी को तत्काल प्रभाव से गैरकानूनी संघ घोषित करना आवश्यक है। प्रतिबंध अधिसूचना आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से पांच साल की अवधि के लिए प्रभावी होगी, जो यूएपीए की प्रासंगिक धाराओं के तहत किए जा सकने वाले किसी भी आदेश के अधीन होगी।

इस्लामी राज्य बनाना था मकसद

अधिसूचना में कहा गया है कि शाह ने कश्मीर को विवादित बताया था और भारत के संविधान के ढांचे के भीतर किसी भी समाधान से इन्कार किया था। उसकी पार्टी के सदस्य एक अलग इस्लामी राज्य बनाने के इरादे से अलगाववादी गतिविधियों में सबसे आगे रहे हैं। जेकेडीएफपी के नेता या सदस्य आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों पर निरंतर पथराव सहित गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान तथा उसके प्रॉक्सी संगठनों सहित विभिन्न स्रोतों के माध्यम से धन जुटाने में शामिल रहे हैं।
 

आतंकी संगठनों से संबंध

अधिसूचना में कहा गया कि प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के साथ जेकेडीएफपी के संबंधों को दर्शाने वाले कई इनपुट मिले हैं। जेकेडीएफपी और इसके सदस्य देश में आतंक का राज कायम करने के इरादे से हिंसक आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं, जिससे देश की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डाला जा रहा है। राज्य और उसकी राष्ट्र-विरोधी गतिविधियां राज्य की सांविधानिक सत्ता और संप्रभुता के प्रति अनादर और अवहेलना भी दर्शाती हैं, इसलिए संगठन के खिलाफ तत्काल और शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता है।

अंकुश लगाना जरूरी

गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार की राय है कि यदि जेकेडीएफपी की गैरकानूनी गतिविधियों पर तत्काल अंकुश या नियंत्रण नहीं किया गया तो वह इस अवसर का उपयोग अपनी राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को जारी रखने, जम्मू-कश्मीर के अलगाव की वकालत करने के लिए करेगी। कानून से स्थापित सरकार को अस्थिर कर भारत संघ के क्षेत्र से एक इस्लामिक राज्य बनाने के प्रयास सहित अपनी विद्रोही गतिविधियों को बढ़ाना जारी रखेगी

2019 में हुर्रियत के दो घटकों पर लगी थी पाबंदी

2019 में केंद्र ने भारत संघ से आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर को अलग करने को बढ़ावा देने के लिए हुर्रियत के दो घटकों जमात-ए-इस्लामी और जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया था। इसके साथ ही पुलवामा हमले के बाद अप्रैल 2019 में एलओसी ट्रेड को निलंबित कर दिया था। हथियारों, ड्रग तथा जाली करेंसी की तस्करी के आरोप में उड़ी के सलामाबाद तथा पुंछ के चक्का दा बाग से इसे निलंबित कर दिया था। अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद लश्कर ए ताइबा के छद्म संगठन टीआरएफ पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।

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