{"_id":"6a271555601ff9448d0de8c5","slug":"jammu-kashmir-news-srinagar-news-c-264-1-sr11004-112127-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: लद्दाख के सांविधानिक संरक्षण और लोकतांत्रिक ढांचे पर गृह मंत्रालय के मसौदे का इंतजार कर रहा है केडीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: लद्दाख के सांविधानिक संरक्षण और लोकतांत्रिक ढांचे पर गृह मंत्रालय के मसौदे का इंतजार कर रहा है केडीए
विज्ञापन
कारगिल। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के नेताओं ने सोमवार को कहा कि वे लद्दाख के सांविधानिक संरक्षण और लोकतांत्रिक ढांचे को लेकर हाल ही में केंद्र सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद गृह मंत्रालय के प्रस्तावित मसौदे का इंतजार कर रहे हैं।
कारगिल में आयोजित प्रेस वार्ता में केडीए के सह-अध्यक्ष असगर अली करबलाई और सज्जाद कारगिली तथा लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने लद्दाख के हितधारकों और भारत सरकार के बीच जारी संवाद की जानकारी दी।
असगर अली करबलाई ने कहा कि 22 मई को हुई बैठक के बाद गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित मसौदे का गठबंधन इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि केडीए मसौदे की सामग्री का गहन अध्ययन करने के बाद ही अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।
विज्ञापन
सज्जाद कारगिली ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ बातचीत जारी है और केडीए तथा लेह एपेक्स बॉडी पहले ही लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और उसे संविधान की छठी अनुसूची के दायरे में शामिल करने संबंधी अपने प्रस्ताव सरकार को सौंप चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब सभी पक्ष गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
गठबंधन के रुख को दोहराते हुए कारगिली ने कहा कि केडीए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत सांविधानिक संरक्षण की अपनी मूल मांगों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ये मांगें लद्दाख की पहचान, भूमि, रोजगार के अवसरों और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
नेताओं ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान करेगी और उनकी लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।
यह प्रेस वार्ता ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार और लद्दाख के विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच केंद्र शासित प्रदेश के लिए सांविधानिक सुरक्षा तथा अधिक लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को लेकर लगातार चर्चा जारी है।
विज्ञापन
कारगिल में आयोजित प्रेस वार्ता में केडीए के सह-अध्यक्ष असगर अली करबलाई और सज्जाद कारगिली तथा लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने लद्दाख के हितधारकों और भारत सरकार के बीच जारी संवाद की जानकारी दी।
विज्ञापन
असगर अली करबलाई ने कहा कि 22 मई को हुई बैठक के बाद गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित मसौदे का गठबंधन इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि केडीए मसौदे की सामग्री का गहन अध्ययन करने के बाद ही अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।
विज्ञापन
सज्जाद कारगिली ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ बातचीत जारी है और केडीए तथा लेह एपेक्स बॉडी पहले ही लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और उसे संविधान की छठी अनुसूची के दायरे में शामिल करने संबंधी अपने प्रस्ताव सरकार को सौंप चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब सभी पक्ष गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
गठबंधन के रुख को दोहराते हुए कारगिली ने कहा कि केडीए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत सांविधानिक संरक्षण की अपनी मूल मांगों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ये मांगें लद्दाख की पहचान, भूमि, रोजगार के अवसरों और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
नेताओं ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान करेगी और उनकी लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।
यह प्रेस वार्ता ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार और लद्दाख के विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच केंद्र शासित प्रदेश के लिए सांविधानिक सुरक्षा तथा अधिक लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को लेकर लगातार चर्चा जारी है।