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श्रीनगर: ई-गवर्नेंस गोल्ड अवार्ड से सम्मानित हुए उपायुक्त एजाज असद
Mon, 28 Nov 2022 01:30 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Nov 2022 01:30 PM IST
सार
गाश प्रोजेक्ट श्रीनगर जिला प्रशासन की एक ई-लर्निंग पहल है, जिसमें कक्षा 6-12 के छात्रों के लिए गेमिफाइड मॉड्यूल के माध्यम से सीखने पर विशेष जोर दिया गया है।
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E- Governance Gold Award
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
श्रीनगर उपायुक्त मोहम्मद एजाज असद को पहल ‘गाश’ के लिए प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग की तरफ से प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ई-गवर्नेंस सम्मेलन में उन्हें पुरस्कार प्रदान किया।
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उपायुक्त ने कहा कि गाश प्रोजेक्ट श्रीनगर जिला प्रशासन की एक ई-लर्निंग पहल है, जिसमें कक्षा 6-12 के छात्रों के लिए गेमिफाइड मॉड्यूल के माध्यम से सीखने पर विशेष जोर दिया गया है। कोविड-19 के दौरान वेब एप्लिकेशन की शुरुआत के साथ बड़ी संख्या में छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों ने भी इसमें गहरी रुचि दिखाई और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग शुरू कर किया। इससे अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों में छात्रों के औसत स्कोर में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।
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उपायुक्त ने कहा कि गेमिफाइड एप का उद्देश्य छात्रों के लिए एक इटरेक्टिव और अनुकूल वातावरण बनाना है जहां उन्हें वैचारिक स्पष्टता के साथ-साथ सीखने में आसानी हो। यह शिक्षा में सभी हितधारकों-माता-पिता, स्कूलों, छात्रों के लिए सीखने के परिणामों की व्यापक समझ प्रदान करता है।
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साथ ही छात्रों को अत्याधुनिक शिक्षा-प्रौद्योगिकी के साथ सशक्त बनाने में मदद करता है ताकि उन्हें अपनी पूरी क्षमता का अहसास हो सके। उन्होंने कहा कि अब एक छात्र सौर मंडल के 3-डी वीडियो की कल्पना कर सकता है और एक कंप्यूटर स्क्रीन पर इसकी कार्यप्रणाली को समझ सकता है, न कि केवल एक कागज के टुकड़े पर।
उन्होंने आगे कहा कि नामांकित छात्रों के पास एक अनूठा डैशबोर्ड है, जिसमें छात्र एक पाठ खत्म करने के तुरंत बाद क्विज, एमसीक्यू आदि के माध्यम से अपने सीखने के स्तर का परीक्षण कर सकता है। इसके अलावा छात्र फीडबैक लूप के माध्यम से किसी विशेष विषय में अपनी योग्यता की पहचान कर सकते हैं। साथ ही विषयवार अपने अंकों के आधार पर इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य पाठ्यक्रमों में आगे की पढ़ाई की योजना बना सकते हैं। उपायुक्त ने कहा कि गाश एप से स्कूल छोड़ने के रुझान में कमी देखी जा रही है।