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जम्मू-कश्मीर में अगले 4 वर्षों में उपलब्ध होगी अतिरिक्त बिजली
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श्रीनगर। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि अगले चार वर्षों में जम्मू-कश्मीर में बिजली सरप्लस होगी और हर घर को गुणवत्ता पूर्ण निर्बाध बिजली मिलेगी। एलजी ने जम्मू-कश्मीर पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (जेकेपीडीडी) की 42 पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इससे कश्मीर के सभी 10 जिलों में बिजली आपूर्ति में काफी सुधार होगा।
अनंतनाग के मीर बाजार में एक पावर ग्रिड का उद्घाटन करते हुए एलजी ने कहा, मेरा मानना है कि इन संवर्धित सुविधाओं के संचालन से क्षेत्र में चहुंमुखी विकास होगा। इस पावर ग्रिड सब स्टेशन को बिजली विभाग ने छह माह के रिकॉर्ड समय के भीतर तैयार किया है।
एलजी ने कहा कि 177 करोड़ के जिन छह ट्रांसमिशन प्रोजेक्टों का आज उद्घाटन हुआ है, वे वर्षों पहले पूरे हो जाने चाहिए थे। इन परियोजनाओं के जरिये आर्थिक विकास और कश्मीर के आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सकेगा। सिन्हा ने कहा, मैं बताना चाहता हूं कि आजादी के बाद से वर्ष 2019 के बीच हमारी कुल बिजली उत्पादन क्षमता 3450 मेगावाट थी। आने वाले चार वर्षों में इतनी ही बिजली जम्मू-कश्मीर में और बनने लगेगी और बिजली के मामले में प्रदेश पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाएगा।
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लद्दाख से आने वाली लाइन
जम्मू-कश्मीर व पंजाब से जुड़ेगी
सिन्हा ने यह भी कहा कि अगर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता की बात करें तो वर्ष 2019 तक 8394 मेगावाट क्षमता अर्जित की थी और अगस्त 2019 से आज तक तीन साल से कम समय में 3806 मेगावाट कैपेसिटी हमने जोड़ने का काम किया है। कहा कि लद्दाख से एक नई ट्रांसमिशन लाइन आ रही है जो जम्मू-कश्मीर और पंजाब से जुड़ी होगी, जिसके बाद प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।
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स्मार्ट मीटर लगाने के लिए
विभाग का सहयोग करें लोग
उप राज्यपाल ने यह भी कहा कि कश्मीर के लोगों को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए बिजली विभाग के साथ सहयोग करना चाहिए, ताकि निर्बाध गुणवत्ता और विश्वसनीय होकर उपभोक्ताओं को बिजली दी जा सके। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग सभी लंबित परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक आधार पर पूरा करके एक सराहनीय काम कर रहा है।
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अनंतनाग के मीर बाजार में एक पावर ग्रिड का उद्घाटन करते हुए एलजी ने कहा, मेरा मानना है कि इन संवर्धित सुविधाओं के संचालन से क्षेत्र में चहुंमुखी विकास होगा। इस पावर ग्रिड सब स्टेशन को बिजली विभाग ने छह माह के रिकॉर्ड समय के भीतर तैयार किया है।
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एलजी ने कहा कि 177 करोड़ के जिन छह ट्रांसमिशन प्रोजेक्टों का आज उद्घाटन हुआ है, वे वर्षों पहले पूरे हो जाने चाहिए थे। इन परियोजनाओं के जरिये आर्थिक विकास और कश्मीर के आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सकेगा। सिन्हा ने कहा, मैं बताना चाहता हूं कि आजादी के बाद से वर्ष 2019 के बीच हमारी कुल बिजली उत्पादन क्षमता 3450 मेगावाट थी। आने वाले चार वर्षों में इतनी ही बिजली जम्मू-कश्मीर में और बनने लगेगी और बिजली के मामले में प्रदेश पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाएगा।
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लद्दाख से आने वाली लाइन
जम्मू-कश्मीर व पंजाब से जुड़ेगी
सिन्हा ने यह भी कहा कि अगर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता की बात करें तो वर्ष 2019 तक 8394 मेगावाट क्षमता अर्जित की थी और अगस्त 2019 से आज तक तीन साल से कम समय में 3806 मेगावाट कैपेसिटी हमने जोड़ने का काम किया है। कहा कि लद्दाख से एक नई ट्रांसमिशन लाइन आ रही है जो जम्मू-कश्मीर और पंजाब से जुड़ी होगी, जिसके बाद प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।
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स्मार्ट मीटर लगाने के लिए
विभाग का सहयोग करें लोग
उप राज्यपाल ने यह भी कहा कि कश्मीर के लोगों को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए बिजली विभाग के साथ सहयोग करना चाहिए, ताकि निर्बाध गुणवत्ता और विश्वसनीय होकर उपभोक्ताओं को बिजली दी जा सके। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग सभी लंबित परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक आधार पर पूरा करके एक सराहनीय काम कर रहा है।