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Shah Faesal Rejoin: शाह फैसल की प्रशासनिक सेवा में वापसी, उप सचिव पर्यटन हुए नियुक्त
Sat, 13 Aug 2022 01:37 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sat, 13 Aug 2022 01:37 PM IST
सार
शाह फैसल को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने बहाल कर दिया है। उन्हें केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय में उप सचिव के रूप में तैनात किया है।
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Shah Faesal (File)
विस्तार
केंद्र सरकार ने आईएएस अधिकारी शाह फैसल को बहाल कर दिया है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने जम्मू-कश्मीर के आईएएस अधिकारी शाह फैसल को दो दिन पहले केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय में उप सचिव के रूप में तैनात किया है।
जम्मू-कश्मीर कैडर के 2010 बैच के आईएएस टॉपर शाह फैसल ने जनवरी 2019 में सरकारी सेवाओं से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) शुरू की थी। हालांकि, उन्होंने अगस्त 2020 में राजनीति को अलविदा कह दिया।
शाह फैसल ने अप्रैल महीने में ट्वीट कर प्रशासनिक सेवाओं में वापसी करने के संकेत दिए थे। तब उन्होंने ट्वीट में कहा था- 'मेरे जीवन के आठ महीनों (जनवरी 2019 से अगस्त 2019) ने मुझ पर इतना दबाव डाला कि मैं लगभग खत्म हो गया था। एक मिथ्या परिकल्पना का पीछा करते हुए मैंने लगभग वह सब कुछ खो दिया जो मैंने वर्षों में अर्जित किया था। नौकरी, दोस्त, प्रतिष्ठा, सार्वजनिक सद्भावना सब कुछ। लेकिन मैंने कभी उम्मीद नहीं खोई। मेरे आदर्शवाद ने मुझे निराश किया है।'
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सोशल मीडिया पर भाजपा की नीतियों के रहे समर्थक
इस्तीफा देने के बाद उन्होंने मार्च 2019 में अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बनाई। उन्हें पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के मद्देनजर गिरफ्तार किया गया था।
अपनी रिहाई के बाद अगस्त 2020 में फैसल ने राजनीति छोड़ दी और सरकारी सेवा में वापस आने के संकेत देने लगे। वह सोशल मीडिया पर वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों के प्रबल समर्थक रहे। वह अक्सर अपने ट्विटर हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों को साझा करते रहे।
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जम्मू-कश्मीर कैडर के 2010 बैच के आईएएस टॉपर शाह फैसल ने जनवरी 2019 में सरकारी सेवाओं से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) शुरू की थी। हालांकि, उन्होंने अगस्त 2020 में राजनीति को अलविदा कह दिया।
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शाह फैसल ने अप्रैल महीने में ट्वीट कर प्रशासनिक सेवाओं में वापसी करने के संकेत दिए थे। तब उन्होंने ट्वीट में कहा था- 'मेरे जीवन के आठ महीनों (जनवरी 2019 से अगस्त 2019) ने मुझ पर इतना दबाव डाला कि मैं लगभग खत्म हो गया था। एक मिथ्या परिकल्पना का पीछा करते हुए मैंने लगभग वह सब कुछ खो दिया जो मैंने वर्षों में अर्जित किया था। नौकरी, दोस्त, प्रतिष्ठा, सार्वजनिक सद्भावना सब कुछ। लेकिन मैंने कभी उम्मीद नहीं खोई। मेरे आदर्शवाद ने मुझे निराश किया है।'
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सोशल मीडिया पर भाजपा की नीतियों के रहे समर्थक
इस्तीफा देने के बाद उन्होंने मार्च 2019 में अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बनाई। उन्हें पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के मद्देनजर गिरफ्तार किया गया था।
अपनी रिहाई के बाद अगस्त 2020 में फैसल ने राजनीति छोड़ दी और सरकारी सेवा में वापस आने के संकेत देने लगे। वह सोशल मीडिया पर वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों के प्रबल समर्थक रहे। वह अक्सर अपने ट्विटर हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों को साझा करते रहे।