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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए जलप्लावन मॉडल का विकास तेज करें : गर्ग

Tue, 13 Jan 2026 02:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर Updated Tue, 13 Jan 2026 02:00 AM IST
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Expedite development of inundation models for flood-prone areas: Garg
- यह महत्वपूर्ण मॉडल 25 वर्षीय चक्र में आने वाली बड़ी बाढ़ों के प्रभाव को कम करेगा
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए इनंडेशन (जलप्लावन या सैलाब) मॉडल का विकास तेज करने के निर्देश डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने सोमवार को संबंधित एजेंसियों को दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि 25 वर्षीय चक्र में आने वाली बड़ी बाढ़ों के प्रभाव को कम करने के लिए प्रभावी योजना और प्रतिक्रिया उपाय किए जा सकें।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर इकोनॉमिक रिकंस्ट्रक्शन एजेंसी द्वारा नियुक्त कंसल्टेंट को मॉडल पूरा करने के लिए समय-सीमा तय करने का निर्देश दिया, जिसमें उच्च स्तर की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाए।
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बैठक के दौरान सूचित किया गया कि कंसल्टेंसी वर्तमान में 100 वर्षों में एक बार आने वाली प्रमुख बाढ़ों के लिए हाइड्रोलॉजिकल मॉडल पर काम कर रही है। इस बीच, डिवीजनल कमिश्नर ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (आई एंड एफसी) विभाग को निर्देश दिए कि वे चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स से अंछार झील और वुलर झील के डिजिटाइज्ड मैप प्राप्त करें ताकि नदी बेसिनों की पहचान और सीमांकन में सुविधा हो।
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यह कदम 2014 की विनाशकारी बाढ़ के बाद बाढ़ प्रबंधन को मजबूत बनाने और भविष्य में ऐसी आपदाओं से नुकसान कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन की समीक्षा की

श्रीनगर। कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने सोमवार को कश्मीर डिवीजन के सभी डिप्टी कमिश्नरों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें डिवीजन में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक मामलों की प्रगति का आकलन किया गया। उन्होंने जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन, प्रवासी इन्वेंटरी, ऑनलाइन सेवा वितरण, जनता एवं प्रवासियों की शिकायतों के निवारण तथा जिलों में निजी कोचिंग सेंटरों की निगरानी की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा, आतंकवाद पीड़ित परिवारों से संबंधित एसआरओ-43 के तहत लंबित मामलों और रक्षा भूमि के म्यूटेशन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए डिविजनल कमिश्नर ने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि आतंकवाद पीड़ित परिवारों के पात्र सदस्यों को समयबद्ध नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए एसआरओ-43 के लंबित मामलों की प्रक्रिया को तेज किया जाए। उन्होंने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से प्राप्त जनता एवं प्रवासियों की शिकायतों के निपटारे को प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया। ब्यूरो
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