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Earthquake: जम्मू-कश्मीर में भी लगे भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 6.1 रही तीव्रता, अफगानिस्तान में था केंद्र

Thu, 11 Jan 2024 03:42 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Thu, 11 Jan 2024 03:42 PM IST
सार

श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के कई जिलों में गुरुवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। जम्मू संभाग के जिला पुंछ में भूकंप के झटके लगे।

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Earthquake tremors felt in Poonch srinagar and Kashmir center was in Afghanistan
Earthquake - फोटो : istock

विस्तार

जम्मू कश्मीर में भूकंप के झटके लगे। श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के कई जिलों में गुरुवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। जम्मू संभाग के जिला पुंछ में भूकंप के झटके लगे। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में भी धरती की कंपन महसूस की गई। झटके का अहसास होते ही लोग घरों और कार्यालयों से बाहर के लिए दौड़े।

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राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 2 बजकर 50 मिनट पर भूकंप के तेज झटके लगे। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान रहा। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.1 रही, लेकिन इन भूकंप के झटकों की धमक पाकिस्तान समेत उत्तर भारत में कई जगह महसूस की गई है। फिलहाल कहीं से भी जान-माल की हानि की सूचना नहीं है।

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जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?

भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।



कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?

भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। 

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